ए​शियाई सिंहों को भाया लकड़ी का मचान, बाघों के लिए भी यही बनेगा

मचान पर अठखेलियां करते सिंह को देख पा रहे सैलानी जूनागढ़ के सक्करबाग प्राणी उद्यान लाए गए एशियाई सिंह जूना और गिरी को वन विहार में लकड़ी से बना प्राकृतिक मचान इतना भा गया है कि दिनभर उसी पर खेलते नजर आते हैं। यह मचान पूरी तरह प्राकृतिक माहौल देता है, जो उन्हें बेहद पसंद आ रहा है।
पहले वन विहार में आर्टिफिशियल मचान बनाए जाते थे, लेकिन अब यह नया तरीका वन्यजीवों के लिए ज्यादा अनुकूल साबित हो रहा है।
जूना और गिरी की मचान पर अठखेलियां देख वन विहार प्रबंधन भी खुश है। यही कारण है कि अब टाइगर और अन्य सिंहों के सभी 7 बाड़ों में भी ऐसे ही प्राकृतिक मचान बनाए जाएंगे, ताकि जंगल जैसा एहसास उन्हें और करीब से मिल सके। सैलानी इन्हें देखने का आनंद उठा सकें। अब 5 सिंह और 13 टाइगर वन विहार में अब सिंह की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। तीन सिंह पहले से यहां थे, दो और आ गए हैं। यही नहीं, वर्तमान में वन विहार में बाघों की संख्या 13 है। हालांकि, इनमें से 3 को ही एनक्लोजर में रखा गया है ताकि यहां आने वाले पर्यटक इनको देख सकें। सभी बाड़ों में बनाएंगे
एशियाई सिंह जोड़े के बाड़े में लकड़ी से प्राकृतिक मचान बनाया गया है। सिंह बार-बार इन पर जाकर बैठते हैं। सिंह और बाघ के सभी बाड़ों के ऐसे ही मचान बनाएंगे।
मीना अवधेश कुमार, डायरेक्टर, वन विहार नेशनल पार्क

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