फतेहपुर-सीकरी देख सुनक बोले-इसे मैंने ‘परदेस’ फिल्म में देखा था:ब्रिटेन के पूर्व PM की सास सुधा मूर्ति ने पूछा-ताजमहल में कितने हिंदू साइन

‘फतेहपुर सीकरी देखकर ब्रिटेन के पूर्व PM ऋषि सुनक बोले- अरे ! ये तो वही जगह है, जिसे मैंने सालों पहले परदेस फिल्म में देखा था। तब मैंने सोचा था कि अपने बच्चों को यह जगह दिखाऊंगा। इतने साल बाद आज मौका लगा है। अब ब्रिटेन जाकर अपने बच्चों को परदेस फिल्म भी दिखाऊंगा। उन्हें यहां शूट हुए एक-एक सीन को दिखाऊंगा।’ ये बातें ऋषि सुनक के गाइड शमशुद्दीन ने दैनिक भास्कर से शेयर कीं। उन्होंने कहा-पूर्व PM ऋषि सुनक की सास और राज्यसभा सदस्य सुधा नारायण मूर्ति ने ताजमहल देखकर पूछा था कि इसमें कितने हिंदू साइन हैं? पढ़िए, ऋषि सुनक और उनके परिवार ने अपने गाइड शमशुद्दीन से और क्या-क्या पूछा? सवाल : ब्रिटेन के पूर्व PM को विजिट कराने का कैसा अनुभव रहा?
जवाब : वाकई कमाल के हैं ब्रिटेन के पूर्व PM और उनका पूरा परिवार। बिल्कुल साधारण और सरल। एक पल के लिए भी नहीं लगा कि मैं किसी VVIP को विजिट करा रहा हूं। ऐसा लगा, जैसे सामान्य टूरिस्ट के साथ हूं। बहुत हंबल हैं सुनक जी। ताजमहल या फतेहपुर सीकरी में भ्रमण के दौरान कभी मेरे कंधे पर हाथ रख देते, तो कभी मुस्कुरा कर कोई सवाल पूछते। एक बात और…किसी अन्य टूरिस्ट की तरह ये परिवार नहीं था। लगभग सभी सदस्य इतिहास के जानकार के थे। सवाल : फतेहपुर सीकरी में कोई यादगार लम्हा?
जवाब : फतेहपुर सीकरी में जैसे ही हम शेख सलीम चिश्ती की दरगाह के सामने पहुंचे, अचानक सुनक जी बोले-अरे! ये तो वही जगह है, जिसे मैंने सालों पहले परदेस फिल्म में देखा था। वह मूवी मुझे बहुत अच्छी लगी थी। फिल्म में इस जगह पर कव्वाली शूट हुई थी। तब मैंने सोचा था कि अपने बच्चों को यह जगह दिखाऊंगा। इतने साल बाद आज मौका लगा है। अब ब्रिटेन जाकर अपने बच्चों को परदेस फिल्म भी दिखाऊंगा। उन्होंने अपनी बेटियों को यहां की पच्चीकारी के बारे में बताया था। इसी बीच बच्चों की नानी (ऋषि सुनक की सास) सुधा नारायण मूर्ति ने कहा कि परदेस फिल्म के बहुत से सीन यहां शूट हुए हैं। फिल्म के आखिर की पूरी फाइट यहीं शूट हुई थी। सवाल : क्या उन्होंने दरगाह पर चादर चढ़ाई?
जवाब : हां, सुधा नारायण मूर्ति और उनके साथ परिजनों ने शेख सलीम चिश्ती की दरगाह पर चादर चढ़ाई थी। इसके साथ उन्होंने मन्नत का धागा भी बांधा। यहां पहुंचे तो एक और नई चीज पता चली, जो सुधा जी ने मुझे बताया। दरगाह पर पहुंचकर उन्होंने बताया कि जब उनकी बेटी अक्षता (ऋषि सुनक की पत्नी) 4 साल की थीं, तब वह उन्हें लेकर यहां आई थीं। मैंने उनसे पूछा कि आप पीर को मानती हैं, तो वह कहने लगीं कि मैं सूफी संतों को बहुत मानती हूं। उनका मैसेज मानवता होता है। सवाल : क्या ऋषि सुनक को हिंदी आती है?
जवाब : मुझे तो ताज्जुब हुआ, जब ये पता चला कि ब्रिटेन के पूर्व PM ऋषि सुनक और उनकी पत्नी अक्षता को हिंदी बहुत अच्छे तरीके से आती है। वे हिंदी में बातचीत करने के दौरान काफी सहज दिखे। ब्रिटेन में रहने के बाद भी उन्होंने हिंदी काे नहीं छोड़ा। उन्होंने हिंदी में बातचीत करना ज्यादा प्रिफर किया। हां, उनकी बेटियां जरूर अंग्रेजी में बात कर रही थीं। सवाल: क्या सुनक पहले भी ताजमहल देख चुके थे?
जवाब : हां, उन्होंने मुझे बताया कि 18-20 साल पहले वह ताजमहल देखने आए थे। मगर, तब ऐसी व्यवस्थाएं नहीं थीं। अब काफी बदलाव को देखकर वह चौंक रहे थे। इस बार उन्होंने पूर्वी गेट से ताजमहल में प्रवेश किया। पहले वे पश्चिमी गेट से आए थे। तब इतनी सिक्योरिटी नहीं थी, इतने बैरियर नहीं थे। सवाल : सुधा जी ने क्या कुछ पूछा आपसे?
जवाब : सुधा नारायण मूर्ति ने इतिहास को लेकर काफी टफ सवाल किए। उनका एक सवाल था कि ताजमहल में कितने हिंदू साइन हैं? तब मैंने उनसे पूछा कि आपको कैसे पता? तब उन्होंने बताया कि मैंने इतिहासकार पीएन ओक की किताब पढ़ी थी। उसमें ताजमहल पर बने सिंबल के बारे में लिखा था। तब मैंने उनको ताजमहल में बने कलश का साइन दिखाया…ओम का साइन दिखाया। इनको मैंने एक्सप्लेन भी किया। बताया कि हिंदुस्तान में नॉर्मली ये साइन कॉमन हैं। मुगलिया आर्केटेक्चर के माध्यम से तब के राजा चाहते कि सबको खुश रखा जाए। राजा चाहते थे कि इसमें हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सबकी झलक दिखाई दे, जिससे कि उन्हें लगे कि मैं सबकी नुमाइंदगी करता हूं। सवाल: ब्रिटिश पीरियड में स्मारकों के रख-रखाव को लेकर सुनक ने कुछ कहा?
जवाब : मैंने उनसे साफ कहा कि ब्रिटिशर्स ने स्मारकों को नुकसान पहुंचाया। लार्ड कर्जन को सैल्यूट करते हैं, ही वॉज द ओनली मैन, हू किव ए न्यू लाइफ ऑल मॉन्यूमेंट। इस पर ब्रिटेन के पूर्व PM ने कहा कि समबडी इज देयर टू लुक ऑफ्टर इट। ————————– यह खबर भी पढ़ें सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से डरे यूपी के विधायक-सांसद, यहां सबसे ज्यादा दागी; अगर सजा हुई तो एक तिहाई सीटें खाली होंगी ‘अगर किसी सरकारी कर्मचारी को दोषी ठहराया जाता है तो वह जीवन भर के लिए नौकरी से बाहर हो जाता है। फिर दोषी व्यक्ति संसद में कैसे लौट सकता है? इस टिप्पणी के बाद अपराधी छवि और केस में फंसे विधायक और सांसद परेशान हैं। सबसे ज्यादा दागी विधायक किस पार्टी में हैं? किन मामलों में केस है? अब तक कितनों ने विधायकी गंवाई? पढ़िए पूरी स्टोरी…

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *