सुबह 11:11 से दोपहर 12:35 बजे तक

जालंधर | महाशिवरात्रि की तैयारियों शहर जुट चुका है। इस दिन भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए दिनभर कई शुभ मुहूर्त रहेंगे। जालंधर में सभी मंदिर कमेटियों ने तैयारियां आरंभ कर दी हैं। महाशिवरात्रि पर विशेष पूजा-अर्चनाएं होंगी। तस्वीर महालक्ष्मी मंदिर की है जहां भगवान शिव की विशाल प्रतिभा स्थापित है। पंचांग के अनुसार, जलाभिषेक के मुहूर्त… पहला मुहूर्त: सुबह 08:24 बजे से सुबह 09:48 बजे तक। दूसरा मुहूर्त: सुबह 09:48 बजे से सुबह 11:11 बजे तक। अमृत (सर्वोत्तम) मुहूर्त: सुबह 11:11 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक। यह जलाभिषेक के लिए सबसे उत्तम समय माना गया है। शाम का मुहूर्त: शाम 06:11 बजे से शाम 07:47 बजे तक। ये भी जान लीजिए… 15 फरवरी को शाम 05:04 बजे से भद्रा शुरू हो जाएगी, जो अगले दिन 16 फरवरी सुबह 05:23 बजे तक रहेगी। हालांकि, ज्योतिषविदों के अनुसार इस बार भद्रा का वास पाताल लोक में है, इसलिए इसका पृथ्वी पर कोई अशुभ प्रभाव नहीं होगा। इस कारण भक्त बिना किसी बाधा के पूजा और जलाभिषेक कर सकते हैं। जबकि रात्रि की पूजा के लिए निशिता काल मुहूर्त 16 फरवरी की मध्यरात्रि (15 फरवरी की देर रात) 12:09 से 01:01 बजे तक रहेगा। श्री देवी तालाब मंदिर : यहां श्री अमरनाथ गुफा का प्रतिरूप स्थापित है, जहां श्रद्धालु आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त करते हैं। श्री महालक्ष्मी मंदिर (जेल चौक): आदर्श नगर के समीप स्थित इस भव्य मंदिर में भगवान शिव की विशाल प्रतिमा है। शिव मंदिर सोढल रोड: प्राचीन मंदिर लगभग 200 वर्ष पुराना माना जाता है। महाशिवरात्रि पर दिनभर विशेष पूजा-अर्चना होगी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *