देवरी प्रखंड मुख्यालय में चल रहे चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन शुक्रवार को भोजन, पानी एवं प्रशिक्षण किट की व्यवस्था को लेकर प्रशिक्षुओं ने नाराजगी जताते हुए विरोध प्रदर्शन किया। मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिए जाने से क्षुब्ध प्रशिक्षुओं ने दोपहर के भोजन का बहिष्कार कर दिया और बिना भोजन किए घर लौट गए। प्रशिक्षण में भाग लेने पहुंचे कुल 56 पंचायत सहायक, पंचायत सेवक व मुखिया ने आरोप लगाया कि प्रशिक्षण किट में एक कॉपी, एक कलम, एक जूट बैग, एक पानी की बोतल एवं प्रशिक्षण सामग्री का प्रिंट आउट उपलब्ध कराना था, लेकिन कोई सामग्री नहीं दी गई। विरोध के बाद सभी को केवल एक-एक कॉपी उपलब्ध कराई गई। प्रशिक्षुओं ने बताया कि नाश्ते में समोसा और चाय तथा दोपहर के भोजन में चार पीस रोटी, दाल, चावल, पनीर या चिकन, मौसमी सब्जी, भुजिया, अचार और मिठाई देने का मेन्यू जारी किया गया था। पहले दिन भारत बंद के कारण व्यवस्था प्रभावित होने की बात कहकर केवल दाल-चावल व सब्जी दी गई, जबकि दूसरे दिन मात्र एक-एक पीस मछली व चावल परोसा गया। इससे नाराज प्रशिक्षुओं ने देवरी के बीडीओ को लिखित आवेदन देकर शिकायत की। कार्रवाई की मांग मामले को लेकर कांग्रेस नेता धोकल दास एवं झामुमो नेता सुबोध सिंह ने भी नाराजगी जताई और व्यवस्था में लापरवाही के लिए जिम्मेदार कंपनी पर कार्रवाई की मांग की। धोकल दास ने कहा कि व्यवस्थापक की मनमानी के कारण प्रशिक्षुओं को पूरे दिन प्रशिक्षण के बाद भोजन के लिए परेशान होना पड़ा, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। हालांकि, प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि दूसरे दिन प्रशिक्षक रागिनी सिन्हा, धर्मेंद्र प्रसाद वर्मा, अजय वर्मा व गुलजार मोहम्मद खान द्वारा ग्राम सभा के प्रपत्र 4, 5, 6 एवं 7 भरने, गरीब एवं असहाय लोगों की पहचान करने सहित अन्य विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।


