गावां प्रखंड में महाशिवरात्रि को लेकर श्रद्धा और उत्साह का माहौल है। सभी शिव मंदिरों में रंग-रोगन और सजावट का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। प्रखंड मुख्यालय स्थित बुढ़वा महादेव मंदिर में लंबे समय से महाशिवरात्रि महोत्सव आयोजित होता आ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार वर्षों पहले तालाब खुदाई के दौरान यहां से शिवलिंग, नंदी सहित कई प्रतिमाएं मिली थीं, जिसके बाद ग्रामीणों ने मंदिर का निर्माण कर विधिवत स्थापना की और तब से नियमित पूजा-अर्चना जारी है। शुक्रवार को युवाओं ने मंदिर तक जाने वाले मार्ग और आसपास के क्षेत्र में सफाई अभियान चलाया। वहीं प्रखंड के सीरी गांव स्थित शिव मंदिर का भी विशेष धार्मिक महत्व है, जहां दूर-दराज पंचायतों से श्रद्धालु पूजा के लिए पहुंचते हैं और महाशिवरात्रि पर विशेष अनुष्ठान होते हैं। बताया जाता है कि लगभग 50 वर्ष पूर्व यहां स्थापित मूर्तियां चोरी हो गई थीं। साढ़ा के पास एक व्यक्ति के घर की नींव खुदाई के दौरान वही मूर्तियां बरामद हुईं। गाजे-बाजे के साथ उन्हें पुनः मंदिर में स्थापित किया और विशाल यज्ञ का आयोजन किया। यज्ञ वेदी के लिए भूमि समतल करते समय जमीन के भीतर से मां दुर्गा, भगवान गणेश, नंदी सहित दुर्लभ पाषाण प्रतिमाएं और नक्काशीदार पत्थर भी मिले, जिन्हें मंदिर परिसर में स्थापित किया गया है। कई स्थानों पर निकलेगी शिव बारात महाशिवरात्रि के अवसर पर प्रखंड मुख्यालय सहित पिहरा, माल्डा, पसनौर, खोटमनाय, खरसान, सेरुआ, सांख, पटना और बादीडीह पंचायतों में पूजा की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। गावां, पिहरा और सेरुआ समेत कई गांवों में ढोल-नगाड़ों और आकर्षक झांकियों के साथ शिव बारात निकाली जाएगी। अगले दिन विभिन्न स्थानों पर पारंपरिक मेलों का भी आयोजन होगा, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है।


