बिशनपुर प्रखंड के सभागार मे झारखण्ड हाई इम्पैक्ट मेगा वाटरशेड परियोजना (जीवी दा: हासा 2.0) अंतर्गत महिला मेट के प्रथम बैच का दो दिवसीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण सत्र का उद्घाटन बिशुनपुर प्रखण्ड के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी सुलेमान मुण्डरी के द्वारा किया गया| प्रशिक्षण की शुरूआत प्रतिभागियों के स्वागत एवं परिचय से हुआ। प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए प्रखण्ड विकास पदाधिकारी ने कहा कि मनरेगा की योजनाओं के कार्यान्वयन में मेट की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि जमीनी स्तर पर योजनाओं को उतारने की जिम्मेवारी मेट का ही है, चूंकि मेट उसी गांव की होती है इस लिए योजनाओं की पर्यवेक्षण आसान होता है , साथ ही इससे काम की गुणवत्ता मे भी बढ़ोतरी होती है | महिला मेट होने से हम समाज मे महिला सशक्तिकरण एवं उनकी भागीदारी मे भी बढ़ोतरी को सुनिश्चित कर पाते है। मुझे उम्मीद है कि आज का प्रशिक्षण बहुत ही उपयोगी साबित होगी जिससे मनरेगा में गुणवत्तायुक्त कार्य सुनिश्चित किया जा सकेगा। शिक्षण के प्रथम सत्र में झारखण्ड हाई इम्पैक्ट मेगा वाटरशेड परियोजना (जीवी दा: हासा) के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी गयी , ताकि परियोजना के उद्देश्यों से अवगत हो सके। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) 2005 के बारे में पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन के द्वारा विस्तृत जानकारी दी गयी। तत्पश्चात मनरेगा क़ानून पर आधारित विडियो फिल्म दिखाई गयी ताकि मनरेगा पर उनकी समझ बढ़े। द्वितीय सत्र में मेट की चयन प्रकिया, आदि के बारे बताया गया। तृतीय सत्र में मनरेगा योजनाओं के कार्यान्वयन में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न प्रपत्र (फॉर्मेट) के बारे जानकारी दी गयी।प्रशिक्षण में बिशुनपुर प्रखण्ड के कुल 4 पंचायत बनारी, घाघरा, नरमा एवं निरासी पंचायत के कुल 38 महिला मेट उपस्थित थे। प्रशिक्षक के रूप में सहायक अभियंता (मनरेगा) श्री सुजीत कुमार, झारखण्ड हाई इम्पैक्ट मेगा वाटरशेड परियोजना (जीवी दा: हासा) विकास भारती बिशुनपुर के टीम लीडर श्री राम कुमार चौधरी, वाटरशेड एक्सपर्ट आदर्श आजाद, आजीविका विशेषज्ञ युगल किशोर यादव, जेन्डर एवं प्रशिक्षण विशेषज्ञ कौशल किशोर उपस्थित थे।


