राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) में अनियमितताएं करने वाले अस्पतालों, फार्मेसी स्टोर और कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। राज्य सरकार ने अनियमितता करने पर 7 और चिकित्सकों को निलंबित किया है। एक अस्पताल और एक डायग्नोस्टिक सेंटर पर केस दर्ज कराया जा रहा है। आरजीएचएस योजना में ऑडिट के दौरान अनियमितताएं सामने आने पर सीकर जिले में तैनात 7 चिकित्सकों को निलंबित किया है। अब तक योजना में गड़बड़ी पर अस्पताल एवं फार्मेसी के विरुद्ध 19 एफआईआर दर्ज करवाई है। अनियमितता पर 7 चिकित्सकों सहित 64 कार्मिकों को निलंबित किया गया है। करीब 500 कार्ड ब्लॉक किए गए हैं। कार्ड के दुरुपयोग पर लाभार्थियों से करीब 2 करोड़ की राशि वसूल की गई है। इसी प्रकार 33 अस्पतालों का टीएमएस एवं 39 अस्पतालों का भुगतान ब्लॉक किया गया है। साथ ही, 8 अस्पताल डी-एम्पेनल किए गए हैं। इन अस्पतालों से 32 करोड़ से अधिक की राशि वसूल की गई है। इसी प्रकार 212 फार्मेसी का टीएमएस ब्लॉक किया गया और इनसे 5 करोड़ से अधिक की राशि वसूली गई। लाभार्थियों के कार्ड का दुरुपयोग कर उठाए फर्जी क्लेम
राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरजीलाल अटल ने बताया कि जांच रिपोर्ट में यह तथ्य गंभीर रूप से उजागर हुआ है कि भरतपुर स्थित कशिश फार्मेसी एवं भरतपुर नर्सिंग होम द्वारा मिलीभगत कर आरजीएचएस में फर्जीवाड़ा कर राजकोष को भारी हानि पहुंचाई है। जांच में पाया गया कि अस्पताल की डॉक्टर संगीता अग्रवाल द्वारा आरजीएचएस में पूर्व में अनुमोदित ना होते हुए भी आरजीएचएस का बोर्ड लगाकर लाभार्थियों को आरजीएचएस से सुविधा देने का प्रलोभन दिया। अपने अस्पताल में आरजीएचएस कार्ड धारकों का इलाज किया एवं टीआईडी जनरेट करने के लिए उनके एसएसओ आईडी पासवर्ड लिए तथा उपचार उपरान्त अपने ही अस्पताल की कशिश फार्मेसी से जांचें एवं दवाइयों को फर्जी तरीके से आरजीएचएस पोर्टल पर एडजेस्ट कर भुगतान प्राप्त किया। अब एफआईआर की कार्रवाई की जा रही है। निलंबित सातों डॉक्टरों की सीकर में पोस्टिंग
मेडिकल कॉलेज सीकर में कार्यरत अस्थि रोग विभाग के सह आचार्य डॉ. कमल कुमार अग्रवाल एवं डॉ. सुनील कुमार ढाका एवं जनरल मेडिसिन विभाग के सह आचार्य डॉ. मुकेश वर्मा, सीएचसी किरवा के डॉ. राकेश कुमार, एसके अस्पताल के डॉ. गजराज सिंह, डॉ. एसएस राठौड़ तथा डॉ. सुनील शर्मा को निलंबित किया गया है। इसी प्रकार योजना में अनियमितता कर अनुचित लाभ लेने पर भरतपुर के भरतपुर नर्सिंग होम तथा बीकानेर के बोथरा डायग्नोस्टिक एण्ड इमेजिंग सेंटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जा रही है। इस संबंध में पत्र लिखा गया है। जरूरत नहीं थी, फिर भी जांचें करवाई
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि डॉ. बोथरा डायग्नोस्टिक एंड इमेजिंग सेंटर, बीकानेर द्वारा प्रस्तुत क्लेमों की जांच में मरीजों को आवश्यकता से अधिक जांचें लिखी गईं तथा परीक्षण रिपोर्टों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। जांच में कुछ मरीजों के लिए HbA1c, RA Factor, Procalcitonin जैसी जांचें बताई गईं, जबकि रिकॉर्ड में आवश्यक चिकित्सीय औचित्य स्पष्ट नहीं था। कुछ मामलों में T2DM के लिए दर्शाए गए HbA1c टेस्ट की रिपोर्ट उपलब्ध नहीं पाई गई तथा ओपीडी स्लिप पर भी संबंधित परामर्श का उल्लेख नहीं मिला।


