एक रवन्ने पर दो बार नहीं ले जा सकेंगे खनिज:अवैध खनन रोकने को जीपीएस; वाहन के कांटे पर आते ही जारी होगा ई-रवन्ना‎

खनन विभाग ने अवैध खनन पर रोक लगाने की‎ कवायद शुरू कर दी है। अब ‎ई-रवन्ना और ई-टीपी को लेकर ‎सख्ती बरती जाएगी। ‎खनिज तौलने वाले कांटों पर‎ आरएफआईडी आधारित सिस्टम‎ लगेगा, जिससे अवैध‎ परिवहन पर रोक लगेगी।‎ खनिज ‎परिवहन में लगे वाहनों में‎ जीपीएस लगाया जाएगा और‎ई-रवन्ना व ई-टीपी व्यवस्था लागू‎ होगी। अभी नीमकाथाना-पाटन,‎ दांतारामगढ़ और खंडेला-‎श्रीमाधोपुर क्षेत्र में विभाग के‎ सामने अवैध खनन व इसके ‎परिवहन को रोकना चुनौती बना ‎हुआ है। भास्कर पड़ताल में आया कि परिवहन विभाग ने‎ जनवरी में ओवरलोडिंग के 1‎ हजार चालान से 95 लाख का जुर्माना वसूला था। खदानों से निकले अवैध पत्थरों‎ का परिवहन ई-रवन्ना से किया जा‎रहा है। एक रवन्ना से कई गाड़ी‎ निकलती हैं। कार्रवाई के दौरान ओवरलोड‎ वाहनों पर भारी जुर्माना तय करता ‎है, लेकिन वाहन मालिक सेटलमेंट के तहत कम करा लेता है।‎ पहाड़ी इलाकों में भी अवैध‎ खनन हो रहा है। माफिया उसका‎ खनन क्षेत्र में ही स्टॉक कर लेता‎है। फिर ई-टीपी द्वारा परिवहन‎ करता है। GPS से वाहन ट्रैक होंगे, ताकि रास्ता ना बदल सकें‎
विभाग अब वाहनों पर सेंसर और‎ आरएफआईडी कार्ड लगाएगा। ‎इसके बाद वाहन के कांटे पर आते ‎ही ऑटो सिस्टम से ई-रवन्ना व ‎ई-टीपी जारी होगी। जीपीएस के जरिये नजर रखी जाएगी कि वाहन ‎निर्धारित मार्ग से ही खनिज का‎ परिवहन कर रहा है या नहीं और ‎एक ही रवन्ना पर दोबारा खनिज‎ ढुलाई तो नहीं की जा रही है। ऑटोमैटिक होगी एंट्री-एग्जिट और वजन प्रक्रिया
कांटे पर ‎आरएफआईडी रीडर, बूम बैरियर, ट्रैफिक लाइट, आईपी कैमरा और एलईडी ‎डिस्प्ले लगाए जाएंगे। इसके बाद वाहनों की एंट्री-एग्जिट और वजन प्रक्रिया‎ पूरी तरह ऑटोमैटिक हो जाएगी। वाहन के वेटब्रिज पर पहुंचते ही टैग से‎ उसकी पहचान होगी। पोजिशन सेंसर वाहन की सही स्थिति तय करेंगे। “विभाग आरएफआईडी-जीपीएस‎ सिस्टम लागू करेगा। इस व्यवस्था‎ से खनिज परिवहन में पारदर्शिता‎ बढ़ेगी और अवैध खनन पर अंकुश ‎लगेगा। जल्द ही सभी कांटों पर ‎सिस्टम को प्रभावी रूप से लागू ‎किया जाएगा। सभी वाहनों में ‎जीपीएस सिस्टम भी लगाएंगे।‎”
-अशोक वर्मा, एएमई नीमकाथाना‎‎

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