अलवर| बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत गुरुवार को कंपनी बाग और मौहल्ला चमेली बाग में नुक्कड़ नाटक के जरिए आमजन को बाल विवाह के दुष्परिणाम बताए गए। कार्यक्रम का आयोजन चाइल्ड हेल्पलाइन और राजलोक विकास संस्थान के सहयोग से हुआ। जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक रविकांत ने बताया कि बाल विवाह सामाजिक कुप्रथा होने के साथ कानूनी अपराध भी है। इससे बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। नुक्कड़ नाटक से लोगों को इसके दुष्परिणामों और कानून की जानकारी दी गई। चाइल्ड हेल्पलाइन के परियोजना समन्वयक मुकेश कुमार, सुनील सिंह, हेमंत कुमार यादव, राजलोक विकास संस्थान के अखिलेश कुमार, संदीप कुमार, संजय सोनी, पूनम, रवि आदि मौजूद रहे।


