अपने अधीन जंगलों के साथ जनसामान्य को रोपण के लिए पौधे उपलब्ध करवाने में इस बार वन विभाग बांसवाड़ा में एक जिला-एक प्रजाति योजना के तहत सागवान पर फोकस कर अपने सालाना लक्ष्य में सर्वाधिक 30 फीसदी पौधे तैयार करेगा। विभागीय सूत्रों के अनुसार वर्ष 2025-26 में बांसवाड़ा में 16.32 लाख पौध तैयार करने का लक्ष्य है। टीओएफआर यानी ट्री आउट साइड फोरेस्ट स्कीम के तहत वितरण के लिए इसमें मुय रूप से सागवान के पौधे रहेंगे। इसके अलावा खेर, बांस, आंवला और वागड़ की आबोहवा के अनुकूल पौधे भी बड़ी संया में तैयार किए जाएंगे। 1435 हैक्टेयर वन क्षेत्र में लगेंगे 7.2 करोड़ खर्च बांसवाड़ा मंडल की सभी रेंजों के कुल 1435 हैक्टेयर वन क्षेत्र में इस वर्ष 7.2 करोड़ रुपए का बजट अग्रिम मृदा कार्य पर लगेगा। इसमें मानव कार्य दिवस सृजन से लोगों को रोजगार मिलेगा, वहीं जरूरी मशीनरी वाले काम भी होंगे। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मनरेगा में भी प्रस्ताव वन विभाग महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजग़ार गारंटी अधिनियम के तहत भी वन क्षेत्रों में बांस के कल्चरल ऑपरेशन करेगा, जिससे वन क्षेत्रों में बांस को बढ़ावा मिले। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कराए जा रहे हैं। इनका कहना है वर्ष 2025-26 के लिए विभागीय गतिविधियों की योजना के अनुसार रेंजवार कार्य आवंटित कर दिए गए हैं। इसमें राज्य सरकार की एक जिला-एक प्रजाति योजना के तहत प्रमुख रूप से सागवान की पौध तैयारी कराई जाएगी। अभिषेक शर्मा, उप वन संरक्षक, बांसवाड़ा


