कांगड़ा APMC का आर्थिक संकट के बीच केरल दौरा:10 सदस्यीय दल 11 दिन के टूर पर गया, विपक्ष ने सैर-सपाटा बताया, सियासत गरमाई

हिमाचल प्रदेश में फाइनेंशियल इमरजेंसी जैसे हालात के बीच कृषि उपज विपणन समिति (APMC) कांगड़ा की 10 सदस्यीय टीम इन दिनों केरल दौरे पर है। इस टीम में APMC चेयरमैन नरेंद्र कुमार चौधरी, सदस्य जसवंत धड़वाल, सुरेश पताकू, करतार सिंह, रविंदर राणा, विजय राणा और अजय कुमार शामिल हैं। इनके अलावा APMC के सचिव शगुन सूद, एक अकाउंटेंट, एक महिला कर्मी ज्योति और एक गाइड भी दल का हिस्सा हैं। यह टीम 11 फरवरी को कांगड़ा से चंडीगढ़ तक ट्रैवलर वाहन से रवाना हुई और वहां से हवाई मार्ग से केरल पहुंची। दौरा 21 फरवरी तक चलेगा। इस 11 दिवसीय टूर का पूरा खर्च APMC कांगड़ा द्वारा वहन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह दौरा सरकार और राज्य मार्केटिंग बोर्ड की मंजूरी के बाद किया गया है। इस टूर का खर्च APMC कांगड़ा करेगा। APMC की ओर से दावा किया गया है कि इस दौरे का उद्देश्य केरल की मंडियों के इंफ्रास्ट्रक्चर और वहां फल-सब्जियों की मार्केटिंग व्यवस्था का अध्ययन करना है। टीम आधुनिक तकनीक, भंडारण व्यवस्था और विपणन मॉडल को समझने का प्रयास कर रही है, ताकि भविष्य में कांगड़ा की मंडियों में भी बेहतर सुविधाएं विकसित की जा सकें। मंडियों में अपनाई जा रही तकनीक स्टडी करेंगे: निशू चेयरमैन नरेंद्र कुमार चौधरी (निशू) ने बताया कि दौरे के दौरान केरल के कृषि क्षेत्र और मंडियों में अपनाई जा रही नई तकनीकों का अध्ययन किया जा रहा है। शुक्रवार को टीम ने मुन्नार क्षेत्र की एक टी-फैक्ट्री का भी दौरा किया। उनके अनुसार, वहां की कार्यप्रणाली से काफी कुछ सीखने को मिला है, जिसे कांगड़ा में लागू कर किसानों को लाभ पहुंचाने की योजना है। विपक्ष का हमला: ‘सैर-सपाटा और फिजूलखर्ची’ दूसरी ओर, भाजपा ने इस दौरे को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने इसे “सैर-सपाटा” करार देते हुए कहा कि प्रदेश आर्थिक संकट से जूझ रहा है, ऐसे में इस तरह के दौरे फिजूलखर्ची को दर्शाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले भी APMC चेयरमैन की गाड़ियों पर लाखों रुपये खर्च किए जा चुके हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार का कार्यकाल अब दो साल से भी कम बचा है, ऐसे में पूरे बोर्ड को इस प्रकार के टूर पर ले जाने से किसानों को वास्तविक लाभ कितना मिलेगा? उनके अनुसार, प्रदेश को इस समय वित्तीय अनुशासन की आवश्यकता है, न कि अनावश्यक खर्चों की। ‘मेरे जॉइन करने से पहले मिली मंजूरी’: पठानिया राज्य मार्केटिंग बोर्ड के चेयरमैन कुलदीप पठानिया ने कहा कि उन्होंने हाल ही में पदभार संभाला है और कांगड़ा APMC के इस दौरे की अनुमति उनके जॉइन करने से पहले ही दी जा चुकी थी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस टूर के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं है। अब देखना होगा कि केरल से लौटने के बाद APMC टीम अपने अध्ययन का क्या प्रतिफल सामने रखती है और क्या वास्तव में इसका लाभ कांगड़ा के किसानों तक पहुंच पाता है या नहीं।

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