महाकुंभ जा रहे परिवार की कार को फॉर्च्यूनर ने उड़ाया:मामी-भांजे की मौत, बेटा बोला-पिता के हाथ की हड्‌डी टूटकर फेफड़ों में घुसी

सड़क किनारे खड़ी किआ कार को तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर ने पीछे से जबरदस्त टक्कर मार दी। हादसे में टोडाभीम (करौली) से महाकुंभ स्नान के लिए जा रहे किआ कार सवार मामी-भांजे की सड़क हादसे में मौत हो गई। दोनों कारों में सवार 9 लोग घायल हो गए। किआ कार 10 फीट दूर गड्‌ढे में गिरकर क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं फॉर्च्यूनर ​​​​​​एक बिजली के पोल को तोड़ने के बाद रुक गई। हादसा उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में थरियांव क्षेत्र के बहलपुर मोड़ पर रविवार सुबह करीब 9 बजे हुआ। सोमवार सुबह करीब 6 बजे दोनों के शव घर पहुंचे कोहराम मच गया। व्यापारियों ने शोक में बाजार बंद रखा। टॉयलेट करने लिए रोकी थी कार
जानकारी के अनुसार किआ कार में टोडाभीम के रहने वाले कृष्णकांत सोनी (45), पत्नी सुमन (42), बेटा अन्ना सोनी (13), मामा गिरिराज प्रसाद सोनी (60), मामी राधा सोनी (58) और ड्राइवर हरि सिंह मीणा (48) मौजूद थे। घायल गिरिराज प्रसाद ने बताया- शनिवार शाम को किआ कार से प्रयागराज महाकुंभ जाने के लिए निकले थे। रविवार सुबह करीब 9 बजे कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर ड्राइवर ने कार को सड़क किनारे रोका। इस दौरान गिरिराज सोनी और कार ड्राइवर हरि मीना टॉयलेट करने के बाद लौट रहे थे, तभी तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर ने उनकी खड़ी कार को जबरदस्त टक्कर मार दी। 10 फीट दूर गड्‌ढे में जाकर गिरी कार
टक्कर इतनी जोरदार थी कि किआ कार सड़क से करीब 10 फीट दूर खेत में बने गड्ढे में जा गिरी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार फॉर्च्यूनर की रफ्तार 180 किलोमीटर प्रति घंटा के करीब थी। टक्कर के बाद फॉर्च्यूनर अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे से टकरा गई, जिससे खंभा दो टुकड़ों में टूट गया। कार सवार दो की मौत, एक गंभीर घायल
सभी घायलों को फतेहपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां किआ कार में सवार कृष्णकांत सोनी उर्फ बंटू सोनी और उसकी मामी राधा सोनी की मौत हो गई। वहीं कृष्णकांत सोनी की पत्नी सुमन देवी गंभीर घायल हो गई। बेटा अन्ना सोनी, मां गिरिराज सोनी और ड्राइवर हरि मीना को मामूली चोट आई है। हादसे में मौत के बाद मामी-भांजे के शवों को सोमवार सुबह करीब 6 बजे टोडाभीम लाया गया। इस दौरान परिवार में कोहराम मच गया। फॉर्च्यूनर में सवार सभी 6 लोग घायल
हादसे में फॉर्च्यूनर कार में सवार बालचंद्र जांगड़ (60), उनकी पत्नी गीता देवी, पुत्र नरेश जांगड़, बहू ज्योति जांगड़, गीता देवी (85) पत्नी मालाराम, कमाता (27) पत्नी दिनेश जांगड़, निवासी किशनगढ़, अजमेर मामूली रूप से जख्मी हुए। घर के पास में ही ज्वेलरी की दुकान
पड़ोसी दुकानदार अनीश ने बताया- कृष्णकांत सोनी, टोडाभीम बाजार में नंबर-2 स्कूल के पास गौरव ज्वेलर्स के नाम से दुकान चलाता था। घटना से परिवार और व्यापारियों में शोक की लहर है। दुकान से करीब 300 मीटर दूरी पर सत्यनाराण मंदिर के पास ही घर है। कृष्णकांत को कैंसर हुआ था, लेकिन बीमारी को मात देकर खुशहाल जिंदगी जी रहा था। ज्वेलर के बेटे ने बताया हादसे का मंजर
कृष्णकांत के बेटे अन्ना ने बताया- कार को हाईवे पर साइड में खड़ा करने के बाद पापा, कृष्णकांत के मामा गिरिराज प्रसाद टॉयलेट करने के लिए उतरे थे। तभी करीब 180 की स्पीड से आई फॉर्च्यूनर ने हमारी गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी। इसके बाद किसी को भी होश नहीं रहा। कुछ देर बाद मुझे होश आया तो देखा कि सभी इधर-उधर बेहोशी की हालत में पड़े थे। हमारी कार के किसी भी गेट को खोलना संभव नहीं हो रहा था। गेट खोलने के लिए मैंने लात मारी, तभी कुछ लोग भी रुक गए और मदद करने लगे। ‘पापा सीट के नीचे दबे थे’
कार का गेट खुलते ही सबसे पहले पापा (कृष्णकांत) की मामी राधा सोनी को बाहर निकाला और उनके सिर के नीचे तकिया लगाकर लिटा दिया। पापा भी पीछे दबे हुए थे, सीट को फोल्ड करने के बाद उन्हें सांस आई। मम्मी सुमन को देखा तो वह भी बेहोश थीं, उन्हें भी बाहर निकाला। इसके बाद लोगों की मदद से पापा को बाहर निकाला, इस दौरान मैं बीच में अटक गया। फोन के अलावा हमारा सारा सामान गाड़ी में ही रह गया। मौके पर मौजूद लोगों ने ही एंबुलेंस और पुलिस को घटना की जानकारी दी थी। मेरी अम्मा राधा सोनी का पूरा सिर फट गया था, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर हालत के कारण उन्हें सबसे पहले एंबुलेंस से हॉस्पिटल ले जाया गया। मेरे पापा के एक हाथ की हड्डी टूटकर फेफड़े में घुस गई थी। खून बह रहा था और वह आखिरी सांसें गिन रहे थे। उन्हें भी हॉस्पिटल ले जाया गया। इसके बाद मुझे (अन्ना), मम्मी सुमन और ड्राइवर हरिसिंह को पहले एक हॉस्पिटल ले जाया गया, फिर वहां से दूसरे हॉस्पिटल में भेजा गया।

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