हनुमानगढ़ में मनरेगा में फर्जी हाजिरी लगाने से इनकार करने पर पंचायत गार्ड पर जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। पीड़ित रामकुमार पर संजीव और उसके बेटों समेत 8-9 लोगों ने हथियारों से हमला कर हाथ-पैर तोड़ दिए और सिर में गंभीर चोट पहुंचाई। हेड कॉन्स्टेबल वीर सिंह ने बताया कि संजीव ने शनिवार को रामकुमार से मनरेगा में फर्जी हाजिरी लगाने और पंचायत की सुविधाओं का लाभ दिलवाने की मांग की। रामकुमार के मना करने पर संजीव ने उसके बेटे लवनीस को धमकी दी कि अगर उसके पिता ने उसकी बात नहीं मानी तो वह छेड़खानी का झूठा मुकदमा दर्ज करवा देगा। इसके बाद संजीव अपने बेटे शाहिद और वाहिद के साथ 6-7 अन्य युवकों को लेकर गंडासी और कापे जैसे हथियारों से लैस होकर पंचायत घर पहुंचा। वहां रामकुमार पर जानलेवा हमला कर दिया। पंचायत में मौजूद कंप्यूटर ऑपरेटर शारदा देवी के हस्तक्षेप से रामकुमार की जान बच गई। पीड़ित के बेटे लवनीस ने बताया कि करीब 15 दिन पहले भी संजीव ने उनके पिता को झूठे मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी थी। गंभीर रूप से घायल रामकुमार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर हेड कॉन्स्टेबल वीर सिंह को जांच सौंप दी है।


