पर्यटन सिटी उदयपुर में देसी-विदेशी टूरिस्ट का आवगमन लगातार बना हुआ है। साल 2026 की शुरुआत शहर के लिए पर्यटन के लिहाज से काफी सुखद रही है। पर्यटन विभाग से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार पिछले महीने जनवरी में ही उदयपुर में 2 लाख 44 हजार 558 टूरिस्ट घूमने पहुंचे। इसमें 2 लाख 25 हजार से ज्यादा घरेलू (देसी) टूरिस्ट थे, जबकि 19 हजार 558 विदेशी मेहमानों ने यहां की झीलों और महलों की खूबसूरती को निहारा। हालांकि पिछले साल जनवरी 2025 के मुकाबले इस साल के आंकड़ों में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में उदयपुर ने अपनी मजबूत मौजूदगी बनाए रखी है। दोगुनी से ज्यादा हुई पर्यटकों की रफ्तार
अगर पिछले 9 सालों के आंकड़ों का गहराई से विश्लेषण करें, तो उदयपुर में पर्यटन की रफ्तार चौंकाने वाली रही है। साल 2018 के जनवरी महीने में जहाँ कुल 1 लाख 5 हजार के करीब पर्यटक आए थे, वहीं 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर करीब ढाई लाख तक पहुंच गया है। यानी पिछले 9 सालों में सैलानियों की संख्या में दोगुनी से भी ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। साल 2025 उदयपुर के लिए अब तक का सबसे बड़ा ‘रिकॉर्ड ईयर’ साबित हुआ था, जिसमें पूरे साल में करीब 19.96 लाख घरेलू और 16 हजार से ज्यादा विदेशी पर्यटक उदयपुर आए थे। इसी ट्रेंड को देखते हुए साल 2026 की शुरुआत को भी पर्यटन विभाग काफी अच्छा मान रहा है। पर्यटन विभाग की उप निदेशक शिखा सक्सेना ने बताया कि आंकड़े गवाह हैं कि उदयपुर की सैर पर्यटकों के लिए कितनी अहम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार कई नई योजनाओं पर काम कर रही है। विदेशी मेहमानों द्वारा उठाई गई शोर और ट्रैफिक की समस्या पर शिखा सक्सेना ने स्पष्ट किया कि आंकड़ों में बढ़ोतरी के साथ-साथ सैलानियों के फीडबैक पर काम करना भी विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यदि इन समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए, तो उदयपुर का पर्यटन अनुभव दुनिया के किसी भी शहर से बेहतर हो सकता है। होली पर चमकेगा कारोबार
पर्यटन के इस बढ़ते ग्राफ पर होटल एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने बताया कि यह सीजन आगे और भी बेहतर रहने वाला है। उन्होंने कहा कि अभी जो माहौल है, उसे देखते हुए होली के त्योहार पर पर्यटकों की संख्या में एक बड़ा उछाल आने की उम्मीद है। अग्रवाल ने बताया कि विदेशी पर्यटकों के लिहाज से उदयपुर हमेशा से एक ग्लोबल प्वाइंट रहा है और इस साल भी उनकी आवक काफी उत्साहजनक बनी हुई है। बेहतर कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से उदयपुर का पर्यटन क्षेत्र लगातार नई ऊंचाइयां छू रहा है। शोर और जाम से बिगड़ रहा है मूड
बढ़ते आंकड़ों के बीच एक चिंताजनक पहलू भी सामने आया है, जो शहर की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाता है। स्पेन से आए एक विदेशी पर्यटक जोड़े ने पर्यटन विभाग के अधिकारियों के सामने अपना कड़वा अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि उदयपुर की प्राकृतिक खूबसूरती और यहाँ का कल्चर तो लाजवाब है, लेकिन ‘ओल्ड सिटी’ यानी भीतरी शहर की संकरी गलियों में होने वाला बेतहाशा शोर-शराबा (नॉइज पॉल्यूशन) और जगह-जगह लगने वाला ट्रैफिक जाम सैलानियों का मूड बिगाड़ रहा है। विदेशी मेहमानों ने बताया कि उन्हें इन इलाकों में पैदल चलने तक में असुरक्षा महसूस होती है। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर इन बुनियादी समस्याओं का समाधान हो जाए, तो पर्यटकों का अनुभव और भी यादगार हो सकता है। साख बचाने के लिए मैनेजमेंट जरूरी
उदयपुर का यह पर्यटन विश्लेषण बताता है कि शहर अपनी ग्लोबल पहचान को भुनाने में तो कामयाब रहा है, लेकिन भारी भीड़ अब शहर के पुराने ढांचे पर भारी पड़ रही है। पिछले 9 सालों में पर्यटकों की संख्या 1 लाख से 2.44 लाख होना बड़ी उपलब्धि है, लेकिन भीतरी शहर की व्यवस्थाएं आज भी सालों पुरानी हैं। अगर विदेशी मेहमान शोर और जाम की शिकायत लेकर दूसरे शहरों की ओर रुख करेंगे, तो इसका सीधा असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। आने वाले समय में प्रशासन के लिए केवल टूरिस्ट को बुलाना ही चुनौती नहीं है, बल्कि उन्हें एक शांत, सुगम और प्रदूषण मुक्त माहौल देना भी सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। चार्ट से समझे, साल-दर-साल कुल पर्यटकों की संख्या कब सर्वाधिक आए पर्यटक पूरे आठ सालों में देखें तो 2025 सबसे आगे रहा। इस साल भारतीय पर्यटक करीब 19.96 लाख तक पहुंचे, जो अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा है। विदेशी पर्यटकों के मामले में 2018 अब भी सबसे मजबूत साल रहा, जब 2.07 लाख विदेशी पर्यटक आए। महीनों की बात करें तो पूरे कालखंड में दिसंबर और नवंबर लगातार सबसे मजबूत रहे हैं। 2025 का दिसंबर अब तक का सबसे बड़ा महीना साबित हुआ, जब 2.80 लाख भारतीय पर्यटक दर्ज किए गए।


