लुधियाना के हलका दक्षिणी से विधायक रजिंदरपाल कौर छीना व आम आदमी पार्टी को अपशब्द कहने के मामले में भारतीय जनता पार्टी की दो पार्षदों के पतियों पर साइबर थाने में FIR दर्ज की गई। यह एफआईआर 31 जनवरी को दर्ज की गई लेकिन पुलिस ने अन्य एफआईआर की तर्ज पर इसे रिलीज नहीं किया गया। यह मामला तब सामने आया जब अदालत ने पार्षद पतियों को जमानत दे दी। जमामन मिलने के बाद पार्षद पतियों के एडवोकेट गौरव अरोड़ा ने बताया कि यह मामला राजनीतिक बदलाखोरी के कारण दर्ज किया गया था। आदालत ने सुनवाई करते हुए पार्षद पति हैप्पी शेरपुरिया और कुलवंत कांति को बेल दे दी है। हैप्पी शेरपुरिया वार्ड नंबर 27 की भाजपा पार्षद जसबीर कौर के पति हैं जबकि कुलवंत कांति कुलदीप कौर के पति हैं। दोनों का आरोप है कि विधायक के नजदीकियों ने उन पर झूठा मुकदमा दर्ज करवाया था। 26 जनवरी के कार्यक्रम में अपशब्द कहने का आरोप आम आदमी पार्टी के हलका मीडिया इंचार्ज बंटी अंसारी व यूथ विंग के इंचार्ज भूपिंदर सिंह ने पुलिस के साइबर सेल को शिकायत दी थी कि 26 जनवरी के कार्यक्रम में हैप्पी शेरपुरिया व कुलवंत कांति ने आम आदमी पार्टी और हलका विधायक रजिंदरपाल कौर छीना को अपशब्द कहे और उनकी छवि को खराब करने की कोशिश की गई। आरोपियों के अपशब्द कहे जाने वाले वीडियो सोशल मीडिया पर चल रहे हैं। शिकायत में यह भी कहा गया कि दोनों ने खुद को पार्षद बताया जबकि वो पार्षद हैं ही नहीं। पुलिस की साइबर सेल ने उक्त नेताओं के बयान पर दोनों के खिलाफ 31 जनवरी को पर्चा दर्ज किया। यही नहीं शिकायतकार्तओं ने दोनो पार्षद पतियों पर धमकाने का आरोप भी लगाया। पुलिस ने एफआईआर में आरोपियों के खिलाफ धमकी देने और ह्रासमेंट की धाराएं भी जोड़ी हैं। राजनीतिक दबाव में की गई FIR पार्षद पतियों के एडवोकेट गौरव अरोड़ा ने बताया कि उन्होंने अदालत में दलील पेश की और कहा कि यह एफआईआर पुलिस ने राजनीतिक दबाव में की है। उन्होंने अदालत को बताया कि जो बातें रैली में कही गई हैं उसमें साइबर क्राइम की धाराएं लगाने का क्या मतलब बनता है। गौरव अरोड़ा ने दलील देते हुए कहा कि राजनीतिक रैली में दिया गया भाषण साइबर क्राइम की श्रेणी में नहीं आता है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि हलका दक्षिणी में भाजपा के तीन पार्षद हैं और उसमें से दो पार्षदों के पतियों पर ये पर्चा दर्ज किया गया है। जिससे साफ है कि यह राजनीतिक प्रतिद्वंदता के कारण किया गया है। गौरव अरोड़ा ने बताया कि अदालत ने बेल पर सुनवाई करने के बाद पुलिस को कहा कि इस मामले में जांच के लिए आरोपियों को कस्टडी में लेने की जरूरत नहीं है। इसलिए इन्हें गिरफ्तार न किया जाए। उसके बाद अदालत ने उन्हें जमानत दे दी। हैप्पी शेरपुरिया और कुलवंत कांति ने कहा कि यह न्याय की जीत है और अदालत ने कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें राहत दी है। उन्होंने कहा कि वे जांच में पूरा सहयोग देंगे और सच्चाई सामने आएगी। कांग्रेस पार्षद गौरव भट्टी पर भी हो चुकी है FIR वार्ड नंबर 26 से कांग्रेस पार्षद गौरव भट्टी पर भी पुलिस ने FIR दर्ज की है। गौरव भट्टी पर पुलिस ने थाना मोती नगर में मामला दर्ज किया है। गौरव भट्टी ने भी हलका पूर्वी के विधायक पर राजनीतिक बदलाखोरी के लिए पर्चा दर्ज करवाने का आरोप लगाया है। गौरव भट्टी की जमानत याचिका पर भी अभी कोर्ट में सुनवाई चल रही है।


