घर पर खड़ी कार का फास्टैग के जरिए टोल टैक्स कटने के मामले में कोटा कंज्यूमर कोर्ट ने NHAI को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामले में पीड़ित ने अवैध रूप से वसूल की गई 60 की राशि ब्याज सहित लौटाने, मानसिक कष्ट, आर्थिक हानि और वाद व्यय के लिए क्षतिपूर्ति स्वरूप 1 लाख 20 हजार की अतिरिक्त धनराशि प्रदान करने की मांग की गई है। कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च को है। NHAI ने नोटिस का नहीं दिया जवाब एडवोकेट सुजीत स्वामी ने बताया कि परिवादी अशोक कुमार नागर की कार 26 सितंबर और 5 अक्टूबर को उनके घर अरलिया अरंड़खेड़ा लाडपुरा के बाहर खड़ी थी। इसके बावजूद कराड़िया टोल प्लाजा से 30 रुपए और जालिमपुरा टोल प्लाजा से 30 रुपए यानी कुल 60 रुपए की राशि फास्टैग खाते से कट गई,जिसका मैसेज परिवादी के मोबाइल नंबर पर आया। पीड़ित ने अनियमित कटौती की शिकायत तत्काल NHAI के अधिकारियों एवं संबंधित टोल प्लाजा प्रबंधन से की गई लेकिन किसी स्तर पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई। 15 अक्टूबर को कानूनी नोटिस देकर गलत तरीके से वसूल की गई राशि को ब्याज सहित लौटाने की मांग की गई थी लेकिन नोटिस का भी कोई जवाब नहीं दिया गया। इस पर पीड़ित ने उनके और नरेश स्वामी के जरिए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत जिला उपभोक्ता आयोग, कोटा में 26 नवंबर को परिवाद पेश किया। जिस पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) कोटा यूनिट,मुख्य महाप्रबंधक NHAI जयपुर, कराड़िया टोल प्लाजा को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। एडवोकेट सुजीत स्वामी व नरेश स्वामी ने कहा कि फास्टैग प्रणाली में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है, अन्यथा उपभोक्ताओं के साथ इस प्रकार की अनियमिततां बढ़ सकती हैं। यह मामला डिजिटल भुगतान प्रणाली में उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रश्न उठाता है।


