हनुमानगढ़ के बिरकाली गांव में 9 फरवरी को एक किसान पर हुए हमले के बाद जंगली जानवर की तलाश में वन विभाग का सर्च ऑपरेशन पांचवें दिन भी जारी रहा। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है, जबकि विभाग की टीम संभावित ठिकानों पर लगातार निगरानी कर रही है। रेंजर नरेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि शुक्रवार को कर्मशाना क्षेत्र और आसपास के इलाकों में व्यापक सर्च अभियान चलाया गया। जानवर के संभावित विचरण क्षेत्र को चिन्हित करते हुए लगभग 13 किलोमीटर के दायरे में पैदल गश्त की गई। टीम ने खेतों, झाड़ियों और सुनसान स्थलों पर विशेष निगरानी रखी। जानवर की गतिविधियों के आधार पर कर्मशाना के आसपास एक पिंजरा भी लगाया गया है, ताकि उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ा जा सके।
सर्च अभियान में वनपाल अधिकारी हेतराम भांभू, वनकर्मी अनिल कुमार मीणा और हंसराज मीणा, तथा वनरक्षक रामप्रताप पुनीयां और राजाराम भांभू सहित रेस्क्यू टीम के सदस्य लगातार जुटे हुए हैं। टीम पिछले पांच दिनों से संभावित स्थानों पर गहन खोजबीन कर रही है। रेंजर भाटी ने बताया कि फिलहाल जानवर की सटीक पहचान नहीं हो पाई है। हालांकि, पदचिन्हों और ग्रामीणों से मिली सूचना के आधार पर तलाश जारी है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वे खेतों या सुनसान स्थानों पर अकेले न जाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को दें। स्थानीय प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वन विभाग का कहना है कि जब तक जंगली जानवर को सुरक्षित रूप से पकड़ नहीं लिया जाता, तब तक सर्च ऑपरेशन लगातार जारी रहेगा।


