14 फरवरी…शहर में गुलाब, ग्रीटिंग और गुपचुप मुलाकातों का दिन। एक तरफ कपल्स एक-दूसरे से मिलने की जगह तलाश रहे थे, तो दूसरी ओर कुछ संगठन ऐसे जोड़ों की तलाश में थे, ताकि वैलेंटाइन डे का विरोध दर्ज करा सकें। इसी माहौल के बीच भास्कर डिजिटल की टीम ने एक अनोखा प्रयोग किया-दो रिपोर्टर, कंधे पर भगवा गमछा… और शहर के अलग-अलग पार्कों में एंट्री। न कोई नारा, न कोई विरोध, न कैमरे का प्रदर्शन, हम देखना चाहते थे कि आम जनता इस पर किस तरह से रिएक्ट करती है। सीन 1: गांधी उद्यान, सुबह 11:30 बजे
शहर का सबसे चहल-पहल वाला पार्क। ऊंचे-घने पेड़ों की छांव में बुजुर्ग टहल रहे थे, कुछ लोग बेंच पर बैठकर बातचीत कर रहे थे और थोड़ी दूरी पर कुछ कपल्स अपनी दुनिया में खोए थे। जैसे ही भगवा गमछा पहने दो रिपोर्टर अंदर पहुंचे, कई निगाहें एक साथ उनकी ओर उठीं। कुछ सेकंड की खामोशी, फिर हलचल। पुलिसकर्मी अचानक सतर्क हो गए। बिना किसी शिकायत के उन्होंने खुद ही कपल्स को हटाना शुरू कर दिया। “यहां वैलेंटाइन डे नहीं मनाना है… उठिए…”। कुछ जोड़े चुपचाप खिसक गए, कुछ ने हैरानी से चारों ओर देखा। आम लोग मुड़-मुड़कर समझने की कोशिश करते रहे कि आखिर अचानक ऐसा क्या हो गया। सीन 2: कलेक्ट्रेट गार्डन, समय 12 बजे यहां दफ्तर के कर्मचारी तो नजर आए, लेकिन ‘बाबू-सोना’ वाली तस्वीर गायब थी। ऐसा लगा मानो पहले ही सख्ती का संदेश पहुंच चुका हो। भास्कर टीम के पहुंचते ही लोग ठहरकर देखने लगे। पुलिस से पूछा गया- क्या कोई कपल नजर आया? जवाब मिला- “नहीं, सबको पहले ही भगा दिया।” सीन 3: पार्क और प्यार पर पुलिस का पहरा
ऊर्जा पार्क, जो हर साल 14 फरवरी को हॉटस्पॉट बन जाता है, इस बार पुलिस छावनी जैसा लगा। कपल्स कम, वर्दी ज्यादा। राम मंदिर के सामने भी भारी पुलिस बल तैनात था। अनुपम गार्डन, गुरु तेग बहादुर गार्डन और निगम गार्डन जहां आम दिनों में भीड़ रहती है, आज असामान्य रूप से शांत दिखे। एडिशनल डीसीपी मध्य क्षेत्र तारकेश्वर पटेल ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुबह से ही महिला बल, पुलिस फोर्स और पेट्रोलिंग पार्टी तैनात की गई थी। ऊर्जा पार्क, राम मंदिर, मैग्नेटो मॉल, जोरा मॉल, सिटी सेंटर मॉल, गांधी उद्यान, मोतीबाग, कलेक्ट्रेट गार्डन, निगम गार्डन और मरीन ड्राइव पर विशेष चेकिंग प्वाइंट बनाए गए। सहायक पुलिस आयुक्त रमाकांत साहू ने बताया कि विवाद की स्थितियों से निपटने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से मॉल, गार्डन में पुलिस तैनात है और लगातार निगरानी की जा रही है। एक छोटे-से प्रयोग ने यह दिखा दिया कि 14 फरवरी को शहर में सिर्फ प्यार नहीं, पहरा भी उतना ही मौजूद था।


