जोधपुर के रातानाडा थाने में कोर्ट के जरिए संपत्ति विवाद में एक व्यक्ति को बंधक बनाकर पैसे वसूलने का मामला सामने आया है इसको लेकर मामला दर्ज किया गया है। पूरी घटना पिछले साल 8 नवंबर की है।
पीड़ित ओमप्रकाश परिहार ने मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट में परिवार देकर सौरभ गहलोत, निर्मल टाक व कौशिक टाक के खिलाफ मामला दर्ज करवाया।
रिपोर्ट में ओमप्रकाश परिहार ने बताया कि वो ज्वाला विहार चौपासनी रहते हैं। उन्होंने 26 सितंबर 2025 को खींवराज मेघवाल के भूखंड नंबर 196 कीर्ति नगर, भदवासियां का बेचान इकरारनामा सौरभ गहलोत को करवाया। इसके साथ ही भूखंड 329 व 240 के मूल कागजात भी दिए। बदले में 8 लाख नगद लिए। सौरभ ने खींवराज को 1 लाख नगद व 5.5 लाख चेक दिए।
आरोप है कि 8 नवंबर 2025 को सौरभ गहलोत ने फोन पर बकाया भूखंडों का सौदा रद्द करने को कहा और 8 लाख लौटाने को कहा। उस समय वो एक्सीडेंट में चोटिल थे। इसके 5 लाख रुपए लेकर भास्कर चौराहा स्थित उनकी दुकान पहुंचे। वहां सौरभ, निर्मल व कौशिक ने कहा कि आप इस भूखंड के सौदे में खींवराज को 8 लाख की जगह 21 लाख रुपए लेने की बात बोलना। ऐसा बोलने से मना करने पर उनके साथ मारपीट की, और उनका वीडियो बनाया। करीब 5-6 घंटे बंधक बनाकर 5 लाख रुपए नगद, मोबाइल, कार चाबी छीन ली ओर धमकी दी। बाद में निर्मल टाक ने खींवराज को फोन कर झूठ बोला कि ओमप्रकाश ने प्लॉट सौदे में 21 लाख रुपए लिए। इस पर खींवराज, रोहित वैष्णव व प्रेमराज मौके पर आए। यहां उनसे जबरन 8 लाख की लिखापढ़ी करवाई, जिसमें कहा गया कि 4 अक्टूबर को 5 लाख, 17 अक्टूबर को 3 लाख रुपए लिए। इसके बाद उनकी गाड़ी में रखे पांच लाख रुपए लेकर सभी चले गए। जब वो रिपोर्ट लेकर थाने गए तो पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया और राजीनामा करने की कहा। ऐसे में उन्होंने पुलिस के उच्च अधिकारियों को भी गुहार लगाई लेकिन FIR दर्ज नहीं हुई तो कोर्ट के जरिए मामला दर्ज करवाया।


