लोकसभा में डीएमके सांसद दयानिधि मारन द्वारा संस्कृत भाषा को लेकर दिए गए विवादास्पद बयान के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने जयपुर के त्रिवेणी नगर में जोरदार प्रदर्शन किया। मारन ने संसद में संस्कृत भाषा को ‘करदाताओं के पैसे की बर्बादी’ बताया था, जिस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी कड़ी आपत्ति जताई थी। ABVP इकाई के अध्यक्ष मानस त्रिपाठी के नेतृत्व में हुए इस विरोध प्रदर्शन में छात्रों ने सांसद से माफी की मांग की। त्रिपाठी ने कहा कि एक सांसद द्वारा प्राचीन देव भाषा के लिए ऐसे अपमानजनक शब्दों का प्रयोग पूरी तरह से अस्वीकार्य है। उन्होंने याद दिलाया कि संस्कृत संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं में से एक है और इसे संसद में उपयोग करने का पूर्ण अधिकार है। प्रदर्शनकारियों ने सांसद के बयान को संसद की कार्यवाही से हटाने की भी मांग की। ABVP नेता अनूप भारती ने इसे सांस्कृतिक गौरव का अपमान बताते हुए कहा कि कुछ लोग सनातन संस्कारों और मूल्यों को नष्ट करने की साजिश रच रहे हैं, लेकिन विद्यार्थी परिषद ऐसा नहीं होने देगी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि संस्कृत से जुड़े हजारों विद्यार्थियों और अनुरागियों की भावनाओं को ठेस पहुंची है।


