भास्कर न्यूज | राजनांदगांव संस्कारधानी 34 वर्षों से रंगोत्सव का पर्व श्री सत्यनारायण मंदिर समिति के तत्वावधान में रंगोत्सव समिति द्वारा भक्ति, श्रद्धा और उल्लास से मना रही है। होलिका दहन के बाद चैत्र कृष्ण प्रतिपदा को श्री सत्यनारायण मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठित भगवान श्री राधाकृष्ण भक्तों के साथ होली खेलने रथ पर विराजमान होकर नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरेंगे और फागुन महोत्सव का आनंद प्रदान करेंगे। परंपरा अनुसार गंज के बालाजी मंदिर के समक्ष होलिका दहन होगा। अगले दिन रंगोत्सव मनेगा। इस वर्ष 3 मार्च को चंद्रग्रहण होने से धुलेंडी रंगोत्सव 4 मार्च को मनाने निर्णय लिया गया। भगवान राधा-कृष्ण की शोभायात्रा 4 मार्च को सुबह 9 बजे निकाली जाएगी। वृंदावन सहित देश के धार्मिक स्थानों में धुलेंडी 4 मार्च को ही मनाई जाएगी। मंदिर समिति के अध्यक्ष अशोक लोहिया ने बताया समिति वर्षों से हिंदू संस्कृति के पर्वों को मना रही है। 34 वर्ष पहले यह परंपरा समिति के वरिष्ठ सदस्य नगर के प्रतिष्ठित समाजसेवी स्व. नथमल जी अग्रवाल की प्रेरणा से प्रारंभ हुई थी। भगवान साल में केवल दो बार चैत्र कृष्ण प्रतिपदा को भक्तों संग होली खेलने तथा भाद्रपद शुक्ल एकादशी को डोले में बैठकर रानीसागर में जलक्रीड़ा करने गर्भगृह से बाहर आते हैं। आयोजन के दौरान एकरूपता और भव्यता के लिए इस वर्ष रंग-बिरंगी आकर्षक टोपियां मंगाई गई है। रथयात्रा के समय मंदिर के समक्ष उपस्थित सभी भक्तों को टोपी पहनाकर सम्मानित किया जाएगा। समिति ने लाल, गुलाबी एवं केसरिया रंग-गुलाल के प्रयोग का आग्रह किया है। शोभायात्रा में काले तथा तेलीय रंगों के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। नगर की सभी भजन मंडलियों व कलाकारों को फागुन भजन गायन के लिए आमंत्रित किया गया है। माता-बहनें शोभायात्रा मार्ग पर अपने घर के सामने पूजन करेंगे।


