नगर निकाय चुनाव को लेकर शहर के युवाओं में बदलाव की उम्मीद भी है, तो पिछले अनुभवों से उपजी निराशा और व्यवस्था से असंतोष भी। ऐसे ही एक युवा वोटर हैं देवाशीष घोष। देवाशीष घोष ने कहा कि शहर के लोग भाषण नहीं, व्यवस्था चाहते हैं। पानी समय पर मिले, सड़कें गड्ढामुक्त हों, बिजली आपूर्ति नियमित हो, नालियों की सफाई हो और कचरा प्रबंधन व्यवस्थित ढंग से हो, यह सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित हो, बेहतर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था हो, पार्क और फुटपाथ विकसित किए जाएं तथा सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित और उपयोगी बनाया जाए। घोष ने यह भी कहा कि शहर की सरकार को छोटे कारोबारियों, स्टार्टअप, स्ट्रीट वेंडरों और युवाओं के लिए अवसर पैदा करने की दिशा में ठोस पहल करनी चाहिए। ट्रैफिक, प्रदूषण और तेजी से बढ़ती आबादी जैसी समस्याओं पर अल्पकालिक नहीं, बल्कि दीर्घकालिक और ठोस योजनाएं बननी चाहिए।


