विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर नागपुरी विभाग में “फगुआ राग-रागिनी एवं बदलते स्वरूप” विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पद्मश्री मधु मंसूरी हंसमुख ने नागपुरी गीत परंपरा की गहराइयों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि फगुआ सिर्फ गीत नहीं, बल्कि झारखंडी लोकजीवन की जीवंत अभिव्यक्ति है। सेमेस्टर-2 की टॉपर वीणा कुमारी को मेडल देकर सम्मानित किया गया।


