श्योपुर के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीता पुनर्वास प्रोजेक्ट के दो साल पूरे होने पर सोमवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया। सीसीएफ उत्तम शर्मा ने बताया कि भारतीय जंगलों में चीतों का समायोजन सफल रहा है। प्रोजेक्ट की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि मादा चीता गामिनी ने 10 मार्च 2024 को 6 शावकों को जन्म दिया, जिनमें से 4 स्वस्थ हैं। इसके बाद 3 फरवरी 2025 को एक और मादा चीता वीरा ने 2 शावकों को जन्म दिया। इन नए जन्मों से कूनो में चीतों की कुल संख्या 14 तक पहुंच गई है। वन्यजीव प्रबंधन ने दो नर चीते अग्नि और वायु को 4 दिसंबर 2024 को तीसरी बार जंगल में छोड़ा गया। दोनों चीते अब सफलतापूर्वक जंगली जीवन व्यतीत कर रहे हैं। इसी कड़ी में 5 फरवरी 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में मादा चीता धीरा को भी जंगल में छोड़ा गया। शर्मा ने बताया यह प्रोजेक्ट साबित करता है कि उचित प्रबंधन के साथ विदेशी वन्यजीवों का भारतीय परिवेश में पुनर्वास संभव है। इस परियोजना ने न केवल देश की जैव विविधता को समृद्ध किया है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक नया अध्याय भी जोड़ा है।


