कोरबा में एक बुजुर्ग को सड़क पर पड़े युवक की मदद करना महंगा पड़ गया। नशे में धुत दो युवकों ने बुजुर्ग और उसके भतीजे की बेरहमी से पिटाई कर दी और उनके दोपहिया वाहन में तोड़फोड़ की। घटना 3 फरवरी को हुई थी, लेकिन पुलिस ने 10 दिन बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। पीड़ित परिवार ने अब पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। यह घटना पाली थानांतर्गत रामाकछार बीहीटिहाईपारा के निवासी 60 वर्षीय मदन लाल धनुहार के साथ हुई। मदन लाल शनिवार को अपने छोटे भाई के पुत्र परशुराम के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और शिकायत पत्र प्रस्तुत किया। सड़क पर युवक को देख बुजुर्ग रुका शिकायत के अनुसार, 3 फरवरी को मदन लाल अपने भतीजे परशुराम के साथ जटगा साप्ताहिक बाजार से सामान खरीदकर रात करीब 8 बजे घर लौट रहे थे। जब वे रामाकछार रीवादा जंगल से गुजर रहे थे, तो मदन लाल की नजर सड़क पर पड़े महिपाल नामक युवक पर पड़ी। उसके पास ही रायसिंह नामक एक अन्य युवक खड़ा था। मदद करने गए बुजुर्ग से मारपीट, बाइक में तोड़फोड़ की किसी अनहोनी की आशंका से मदन लाल ने अपनी बाइक रोकी और मदद के लिए महिपाल के पास गए। उन्होंने महिपाल से सड़क पर लेटने का कारण पूछा, जिस पर महिपाल उठ खड़ा हुआ और रायसिंह के साथ मिलकर बुजुर्ग की पिटाई शुरू कर दी। धक्का-मुक्की और मारपीट के दौरान बुजुर्ग जमीन पर गिर गए। इसके बाद दोनों युवकों ने बुजुर्ग के ऊपर बाइक गिराकर उसमें तोड़फोड़ की।
जान बचाकर भागा भतीजा, भाई को दी जानकारी अपने बड़े पिता की पिटाई होते देख परशुराम बीच-बचाव करने पहुंचा, तो बदमाशों ने उस पर भी हमला कर दिया। परशुराम किसी तरह अपनी जान बचाकर गांव पहुंचा और घटना की जानकारी बुजुर्ग के बेटे इंद्रजीत को दी। अब तक नहीं हुई आरोपियों की गिरफ्तारी इंद्रजीत कुछ ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचा, तो मदन लाल खून से लथपथ पड़े थे। उनके सिर, पीठ, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई थीं। उन्हें तुरंत पाली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। पुलिस ने इस मामले में मामूली धाराओं के तहत जुर्म तो दर्ज कर लिया है, लेकिन घटना के 10 दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।


