छत्तीसगढ़ में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर आम आदमी पार्टी ने गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के मुख्य चुनाव पदाधिकारी से मुलाकात कर फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग के संबंध में आवेदन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि जहां मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया में कड़ी जांच और सख्ती बरती जा रही है, वहीं नाम काटने के मामलों में पहचान और सत्यापन की अनदेखी की जा रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि कुछ क्षेत्रों में एक ही व्यक्ति द्वारा बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जाति-समुदाय विशेष को निशाना बनाने का आरोप आम आदमी पार्टी ने दावा किया कि राज्य के कुछ विधानसभा क्षेत्रों में ST, SC और अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े मतदाताओं के नामों पर असामान्य रूप से अधिक आपत्तियां दर्ज हुई हैं। पार्टी का कहना है कि यह महज प्रशासनिक त्रुटि नहीं, बल्कि गंभीर जांच का विषय है। पार्टी ने चुनाव आयोग से उच्चस्तरीय, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच की मांग की है। साथ ही फर्जी आपत्तिकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज करने और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी उठाई है। मुख्य चुनाव पदाधिकारी का आश्वासन मुलाकात के दौरान मुख्य चुनाव पदाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि यदि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है तो उसे दुरुस्त किया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आगे आंदोलन की चेतावनी आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यदि आयोग की ओर से संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई तो वह आंदोलनात्मक कदम उठाने की रणनीति पर आगे बढ़ेगी। मुख्य चुनाव पदाधिकारी से मिलने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महासचिव वदूद आलम, प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी, रायपुर लोकसभा अध्यक्ष अजीम खान, रायपुर जिला अध्यक्ष नवनीत नंदे, जिला महासचिव नरेंद्र ठाकुर, सुरेंद्र बिसेन और सनोज दास सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।


