ग्वालियर में तहसीलदार शत्रुघन सिंह चौहान द्वारा शादी का झांसा देकर 17 साल तक महिला से शारीरिक संबंध बनाने के मामले में अग्रिम जमानत याचिका सोमवार को उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने खारिज कर दी है। इससे पहले जिला कोर्ट भी तहसीलदार की जमानत याचिका को खारिज कर चुकी है। कोर्ट में पीड़िता के वकील ने तहसीलदार की चार पत्नी होने और उसके आपराधिक रिकॉर्ड को पेश करते हुए जमानत देने का विरोध किया था। पीड़िता के वकील का कहना है कि, जमानत मिलने पर आरोपी साक्ष्य मिटा सकता है। दुष्कर्म का मामला दर्ज होने के 33 दिन बाद भी पुलिस आरोपी तहसीलदार को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। लगातार आरोपी अग्रिम जमानत लेने का प्रयास कर रहा है। जबकि पीड़ित महिला ने आरोप लगाया है कि, तहसीलदार को गिरफ्तार न करने के पीछे पुलिस की मिलीभगत है। पुलिस उसको बचने का मौका दे रही है। हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद तहसीलदार पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। ग्वालियर के पड़ाव स्थित महिला थाना में पूर्व तहसीलदार शत्रुघन सिंह चौहान पर एक महिला ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। दुष्कर्म का केस दर्ज होने के बाद से चौहान फरार हो गए हैं। आरोपी ड्यूटी पर भी उपस्थिति दर्ज नहीं करा रहे हैं। जिला कोर्ट से अग्रिम जमानत आवेदन खारिज होने के बाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। आरोपी पक्ष की ओर से तर्क दिया था कि, पीड़िता पहले अमित यादव पर बलात्कार का केस दर्ज करा चुकी है। उसके बाद राजीनामा भी किया है। शत्रुघन सिंह चौहान पर महिला ने ब्लैकमेलिंग के लिए केस दर्ज कराया गया है। पीड़िता की ओर से अधिवक्ता अवधेश सिंह तोमर ने तर्क दिया कि, शत्रुघन सिंह चौहान ने पीड़िता के साथ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया है। उसने चार-चार शादियां की हैं। पीड़िता के वकील ने कोर्ट से कहा कि, आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी लंबा है और 16 केस दर्ज हैं। आरोपी ने चार शादियां की है। यदि जमानत पर रिहा किया जाता है तो साक्ष्यों को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि तहसीलदार के पद पर कार्यरत है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद जमानत याचिका खारिज कर दी। अब गिरफ्तारी व इनाम घोषित की लटकी तलवार
जिला कोर्ट के बाद अब हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद तहसीलदार शत्रुघन सिंह चौहान पर संकट बढ़ गया है। अब पुलिस जल्द आरोपी की गिरफ्तारी का प्रयास करेगी। गिरफ्तारी से पहले उस पर इनाम घोषित किया जा सकता है। कोर्ट में तहसीलदार के 16 आपराधिक मामलों की डिटेल की पेश पीड़िता के वकील अवधेश तोमर ने तहसीलदार के एमपी के भिंड व यूपी के इटावा में दर्ज 16 आपराधिक मामलों से संबंधित डिटेल भी कोर्ट में पेश की है। रिकॉर्ड पेश होने के बाद कोर्ट ने तत्काल तहसीलदार शत्रुघन सिंह चौहान की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। सुनवाई में पीड़ित महिला के वकील ने कोर्ट के समक्ष आरोपी तहसीलदार शत्रुघ्न सिंह चौहान का आपराधिक रिकॉर्ड पेश किया था। जिसमें साल 2000 से 2011 तक उसके ऊपर हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती जैसे 16 गंभीर अपराध दर्ज होना बताए गए हैं। क्राइम ब्रांच को दी जाए जांच, गिरफ्तारी का जिम्मा इस मामले में पीड़ित महिला ने आरोप लगाया था कि, पुलिस तहसीलदार शत्रुघन सिंह चौहान को गिरफ्तार नहीं कर रही है। दुष्कर्म का मामला दर्ज हुए 33 दिन हो गए हैं। अभी तक पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर रही है। पीड़िता ने फरार आरोपी से अपनी जान को खतरा बताकर पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि, महिला थाना पुलिस आरोपी को नहीं पकड़ पा रही है। उसकी केस फाइल जिले की क्राइम ब्रांच को दी जाए। क्राइम ब्रांच आरोपी को गिरफ्तार कर सकती है। पीड़िता पहले भी जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के अधिकारी पर उसे बचाने के आरोप लगा चुकी है। महिला ने कहा था कि, पुलिस द्वारा उसे गिरफ्तार न कर बचने का मौका दिया जा रहा है। पीड़ित ने कुछ दिन पहले एक SDM का जिक्र कर उसकी मदद के लिए कहा था। ऐसे समझिए पूरा मामला
शहर के थाटीपुर एरिया में रहने वाली एक 34 वर्षीय महिला ने तहसीलदार शत्रुघन सिंह चौहान पर गंभीर आरोप लगाते हुए रेप का मामला दर्ज कराया है। पीड़िता ने बताया है कि, वह भिंड की रहने वाली है। साल 2005-06 में उसकी शादी हुई थी। दो साल बाद उसके पति का देहांत हो गया था। साल 2008 में शत्रुघन सिंह चौहान का उसके जेठ के पास आना जाना था। इसके बाद उन्होंने मेरे जेठ को धंधे में फायदा पहुंचाकर जबरन मुझे हासिल किया। मुझसे शादी का वादा कर शारीरिक संबंध बनाने लगे। 10 अगस्त 2008 को भिंड मानगढ़ महिला के घर आकर रात 10.30 बजे उससे शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। इसी साल वह नायब तहसीलदार बन गए। इसके बाद वह लगातार मेरा शारीरिक शोषण करते रहे। साल 2010 में रतनगढ़ माता मंदिर पर मांग में सिंदूर भरकर मुझसे शादी की नौटंकी की थी। इसके बाद जहां-जहां पोस्टिंग रही, वहां-वहां रखा और संबंध बनाए। मेरा खर्चा भी वही उठाए थे। महिला का आरोप है कि, इसके बाद साल 2014 में उनसे एक बेटे का जन्म हुआ है। जिसका डीएनए टेस्ट कभी भी करा सकते हैं। इसके बाद ग्वालियर के महिला थाने में 15 जनवरी की रात तहसीलदार शत्रुघन सिंह चौहान के खिलाफ शादी का झांसा देकर रेप की FIR दर्ज हुई थी।


