बालोद जिले में सड़क किनारे बड़ी संख्या में मरी हुई मुर्गियां मिली हैं। रविवार को रास्ते से गुजर रहे कुछ लोगों ने सड़क किनारे मरी मुर्गियों को देखने के बाद पशु चिकित्सा विभाग को इसकी सूचना दी गई। पूरा मामला NH- 930 के जमरूआ गांव का है। जानकारी मिलने पर पशु चिकित्सा विभाग की टीम मौके पर पहुंची। विशेषज्ञों ने बताया है कि सभी मुर्गियां पेरेंट प्रजाति की हैं। सैंपल लेकर सभी मुर्गियों को डिस्पोज कर दिया गया है। आपको बता दें कि, 15 दिन पहले ही रायगढ़ में बर्ड फ्लू का भी मामला सामने आ चुका है। पोल्ट्री फार्म संचालकों में मचा हड़कंप जानकारी के मुताबिक, जिले में बीते साल मुर्गियों में बर्ड फ्लू ने दस्तक दी थी जो धीरे-धीरे पक्षियों में फैलती गई। इसके चलते कई मुर्गियों की मौत हो रही थी। इस बीमारी से पोल्ट्री फार्म संचालकों को लाखों का नुकसान भी हुआ था। आज फिर बड़ी संख्या में मृत मुर्गियां मिलने से पोल्ट्री फार्म संचालक चिंतित है। छत्तीसगढ़ में बर्ड फ्लू की पुष्टि बता दें कि छत्तीसगढ़ में 15 दिन पहले रायगढ़ जिले में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। जिसके बाद इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी कलेक्टर्स को कंट्रोल रूम बनाने के भी निर्देश दिए थे। पेरेंट प्रजाति की मुर्गियां के बारे में जानिए पेरेंट प्रजाति की मुर्गियां लेयर्स या ब्रॉयलर पैदा होती हैं। ये मुर्गियां अंडे और मांस देने वाली होती हैं। पेरेंट स्टॉक मुर्गियों की एक नर लाइन और एक मादा लाइन होती है। इनसे बनी लेयर्स और ब्रॉयलर मुर्गियों का इस्तेमाल कभी भी ब्रीडर के तौर पर नहीं किया जाता। ———————————– इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें…. छत्तीसगढ़ में बर्ड-फ्लू की एंट्री…अलर्ट पर सभी कलेक्टर्स:रोकथाम के लिए बनी रेपिड रिस्पॉन्स टीम, रायगढ़ में 12000 चूजे, 5000 मुर्गियों को मारकर गाड़ा छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। शुक्रवार को पोल्ट्री फार्म की 5 हजार मुर्गियां, 12 हजार चूजे और 17 हजार अंडे नष्ट किए गए। बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए रेपिड रिस्पॉन्स टीम बनाई गई है। साथ ही CM विष्णु देव साय ने सभी कलेक्टर्स को कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश दिए हैं। पढ़ें पूरी खबर…


