आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) को बांग्लादेशी आतंकी संगठन जमात -उल- मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (जेएमबी) के आतंकी अब्दुल मम्मुन के पाकुड़ में आकर रुकने व प्रशिक्षण देने से संबंधित साक्ष्य एक माह के बाद भी नहीं मिल सका है। उसके छह जनवरी को मुर्शीदाबाद के धुलिया के रास्ते पाकुड़ आने, वहां संदिग्धों के साथ बैठक करने और आतंकी प्रशिक्षण देने संबंधित खुफिया सूचना का अब तक सत्यापन नहीं हो सका है। अधिकृत खुफिया एजेंसी की चिट्ठी के आधार पर एटीएस भी पिछले एक महीने से उक्त सूचना का सत्यापन कर रहा है। उस पत्र के आधार पर संबंधित जिलों के एसपी, रेंज डीआईजी को एटीएस ने पत्राचार कर सत्यापन का आग्रह किया था। हालांकि इस मामले में किसी भी स्तर पर अब तक उक्त सूचना का सत्यापन नहीं हो सका है। अब्दुल मम्मुन अस्तित्व में है भी या नहीं, इसकी भी सूचना नहीं मिल सकी है। चिट्ठी में जिनका नाम दिया गया है, उनके बारे में भी अब तक कोई जानकारी एटीएस को नहीं मिल सकी है। उल्लेखनीय है कि आतंकी संगठन जमात -उल- मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (जेएमबी) झारखंड में प्रतिबंधित है। एटीएस को जो खुफिया सूचना आई है, उसके अनुसार उक्त संगठन से संबद्ध अब्दुल मम्मुन बांग्लादेश के सतखिरा के गोपीनाथपुर का रहने वाला है। छह जनवरी को वह पाकुड़ आया था और यहां करीब 15 संदिग्धों के साथ बैठक की थी। उसने आतंकी गतिविधियों से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया।


