बीकानेर पश्चिम के विधायक जेठानन्द व्यास ने पीबीएम गवर्नमेंट हॉस्पिटल में संविदा कर्मियों से अवैध वसूली करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पीबीएम हॉस्पिटल में ठेके पर कर्मचारी लगाने के नाम पर एक-एक लाख रुपए तक की वसूली की जा रही है। दावा किया कि नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से खुलेआम रकम मांगी जा रही है, जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार का बड़ा प्रमाण है। दरअसल, वे शनिवार की दोपहर हॉस्पिटल परिसर में भामाशाह परिवार की ओर से निर्मित कॉटेज के लोकार्पण कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान मंच पर पीबीएम हॉस्पिटल अधीक्षक भी मौजूद थे। 500 की नियुक्ति बताकर 200 ही लगाए
विधायक ने संविदा कर्मचारियों की भर्ती करने वाली निजी फर्मों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा- पीबीएम में 500 कर्मचारियों की नियुक्ति बताकर केवल 200 लोगों को ही लगाया गया, जबकि शेष लोगों को नहीं लगाकर भ्रष्टाचार का खेल खेला गया। उन्होंने इसे भर्ती प्रक्रिया में बड़ा घोटाला बताते हुए कहा कि जनता के पैसों और हॉस्पिटल की व्यवस्था के साथ खुला खेल किया जा रहा है। जनता क्लिनिक कर्मचारियों से हर महीने वसूली
व्यास ने आरोप लगाया कि पीबीएम के तहत चल रहे जनता क्लिनिक में नियुक्त कर्मचारियों से हर महीने 500 रुपए से लेकर 1000 रुपए तक नियमित रूप से वसूले जा रहे हैं। व्यास ने कहा कि यह वसूली महीनों से चल रही हैं और कर्मचारियों को मजबूर किया जा रहा है। इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों को भी की है। यह बीकानेर में नहीं होना चाहिए। हॉस्पिटल के अधीक्षक बोले- जांच करवाएंगे
इस कार्यक्रम में मौजूद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र वर्मा ने आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। लेकिन हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया ने मंच पर बयान देते हुए कहा कि विधायक द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच करवाई जाएगी। संविदा पर है जनता क्लिनिक
बता दें कि बीकानेर में जनता क्लिनिक में होने वाली सभी नियुक्तियां संविदा पर होती है। इसमें डॉक्टर, नर्सिंग सभी को एक नियत वेतन पर संविदा फर्म ही काम देती है। हालांकि बाद में इनके डेपुटेशन सीएमएचओ करते हैं।


