सिटी रिपोर्टर | भिलाई पूर्व मंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने देश के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में कहा कि भारतीय किसान संगठनों का मानना है कि अमेरिका और भारत की कृषि व्यवस्था में मूलभूत अंतर है। अमेरिका में किसान आधुनिक तकनीक उन्नत मशीनरी बड़े कृषि फार्म वैज्ञानिक अनुसंधान और सरकारी सब्सिडी के सहारे उत्पादन करते हैं। वहां सिंचाई भंडारण परिवहन और निर्यात की सुविधा अत्यंत विकसित है, जिससे लागत कम और उत्पादन अधिक होता है। साथ ही यह समझना आवश्यक है कि अमेरिका में खेती को एक बड़े उद्योग के रूप में विकसित किया गया है, जहां हजारों एकड़ में एक ही फसल उगाई जाती है और उत्पादन पूरी तरह बाजार की मांग के अनुसार योजना बंध होता है। ट्रैक्टर, ड्रोन तकनीक, सटीक सिंचाई प्रणाली और वैज्ञानिक बीजों के प्रयोग से वहां का किस वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रहता है। वहीं भारत में खेती केवल आजीविका का साधन नहीं बल्कि संस्कृति और परंपरा का हिस्सा भी है। यहां छोटे खेतों में विविध फैसले उगाई जाती है, जो देश की खाद्य सुरक्षा की रीढ़ है। भारतीय किसान सीमित संसाधनों के बावजूद कठिन परिस्थितियों में भी देश का पेट भरने का कार्य करते हैं। इसीलिए यह आवश्यक है कि सरकार भारतीय किसानों को आधुनिक तकनीक, उचित मूल्य और बाजार तक सीधी पहुंच प्रधान करें।


