अंबिकापुर | नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने नगर निगम के नए भवन का उद्घाटन आनन-फानन और गोपनीय तरीके से करने को लोकतंत्र, पारदर्शिता और स्थानीय स्वशासन की भावना पर सीधा हमला बताया है। उन्होंने कहा यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जनता द्वारा चुने गए पार्षद, जो नगर निगम की रीढ़ हैं, उन्हें इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की सूचना तक नहीं दी गई। क्या नगर निगम किसी एक दल या व्यक्ति की निजी संपत्ति है, या यह जनता के जनादेश से चलने वाली संस्था है? उन्होंने कहा कि पार्षद अपने-अपने वार्ड की समस्याओं के समाधान और योजनाओं की निगरानी में निरंतर सक्रिय रहते हैं। ऐसे में शहर के सबसे बड़े प्रशासनिक भवन के उद्घाटन से उन्हें दूर रखना न केवल उनका, बल्कि उन हजारों मतदाताओं का भी अपमान है, जिन्होंने उन्हें चुनकर भेजा है। यह घटना सरकार की तानाशाही मानसिकता और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति असम्मान को दर्शाती है। शफी ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक कार्यक्रमों को राजनीतिक मंच बनाकर निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को अलग-थलग करना लोकतंत्र की आत्मा के खिलाफ है। उन्होंने वर्तमान लोकार्पण को नहीं मानते हुए नगर निगम के नए प्रशासनिक भवन का गरिमामय समारोह आयोजित कर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में पुनः लोकार्पण कराने की मांग की है।


