हाथियों ने तोड़े घर तो पंडो हुए बेघर, रतजगा

कोरबा| वन मंडल कटघोरा के जटगा रेंज में धोबीबारी के ग्रामीण रात में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। हाथियों ने मिट्टी के मकानों को पूरी तरह तोड़ दिया है। जटगा रेंज के ग्राम पंचायत कटोरी नगोई के आश्रित गांव धोबीबारी में पंडों जनजाति के आदिवासी रहते हैं। यहां 48 हाथी लंबे समय से घूम रहे हैं। हाथियों ने बस्ती के मकान तोड़ा और राशन खा गए। बर्तनों को भी तोड़ दिया। सुंदर सिंह पंडों ने बताया कि हाथियों की निगरानी के लिए यहां कोई नहीं पहुंचता है। इसकी वजह से रतजगा करना पड़ रहा है। यहां करीब 10 परिवार रहते हैं। उनका मकान भी 200 से 300 मीटर की दूरी पर है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथी कभी भी आ सकते हैं, इस वजह से रात में बच्चों को सुरक्षित स्थान पर ले जाते हैं। दिन में फिर लौट आते हैं। आस-पास कोई पक्का मकान भी नहीं है, जहां रुक सकें। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह के अनुसार अभी तक इनका पक्का मकान क्यों नहीं बना, इसकी जानकारी ली जाएगी।

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