भास्कर न्यूज | झालावाड़ झालरापाटन जिला अस्पताल का अब विस्तार होगा। अभी तक ग्राउंड फ्लोर पर संचालित अस्पताल अब तीन मंजिला बनेगा। पूर्व बजट में इसे सैटेलाइट अस्पताल से जिला अस्पताल में क्रमोन्नत करने और विस्तार के लिए 50 करोड़ रुपए की घोषणा की गई थी। अब इसकी प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर कर वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिए गए हैं। एनएचएम एईएन मिलाप गुप्ता ने बताया कि यह अभी ग्राउंड फ्लोर पर अस्पताल संचालित हो रहा था। प्रथम तल बना हुआ था, लेकिन अधूरा था। अब यह तीन मंजिला बनेगा। इसमें आईसीयू, सीसीअईसीयू, डायलिसिस वार्ड, ऑपरेशन थियेटर व ओपीडी कक्ष अलग-अलग फ्लोर पर बनाए जाएंगे। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे व सांसद दुष्यंतसिंह ने 25 दिसंबर को 50 करोड़ की लागत से बनने वाले भवन का वर्चुअल शिलान्यास किया था। जिला अस्पताल बनने पर यहां चिकित्सा सुविधाओं में भी लगातार विस्तार हो रहा है। हाल ही में यहां विशेषज्ञ डॉक्टर और सोनोलॉजिस्ट भी लगाए गए हैं। साथ ही मरीजों सभी तरह की जांचें भी हो रही हैं। दूसरे फ्लोर पर एमसीएच विंग बनेगी : झालरापाटन स्थित जिला अस्पताल के द्वितीय तल पर आईसीयू, सीसीआईसीयू (क्रिटिकल केयर आईसीयू), डायलिसिस वार्ड, मेजर और माइनर ऑपरेशन थियेटर व ओपीडी कक्ष बनाए जाएंगे। इसके अलावा ब्लड बैंक भी संचालित किया जाएगा। मातृत्व केयर वार्ड व जननी सुरक्षा वार्ड अलग से बनेगा: अस्पताल परिसर में अलग से एमसीएच विंग, मेटरनिटी चाइल्ड हैल्प विंग का निर्माण कार्य कराया जाएगा। इसमें प्रथक से मातृत्व केयर वार्ड व जननी सुरक्षा वार्ड का निर्माण होगा। वर्तमान में जिला अस्पताल की ओपीडी 1050 से 1100 प्रतिदिन चल रही है। अब प्रतिदिन मिल रही सोनोग्राफी जांच की सुविधा: सीएमएचओ डॉ. साजिद खान ने बताया कि वर्तमान में जिला अस्पताल में सोनोग्राफी जांच की सुविधा प्रतिदिन मरीजों को मिलना शुरू हो गई है। यहां सेफोलॉजिस्ट डॉ. हरिप्रसाद कार्यरत है जो प्रतिदिन 40 से 50 सोनोग्राफी जांच कर रहे हैं। इससे गर्भवती महिलाओं व अन्य मरीजों को खासी राहत मिल रही है। पहले सोनोग्राफी जांच के लिए मरीजों को जिला एसआरजी अस्पताल झालावाड़ आना पड़ता था। हाल ही में यहां एक और पीसीपीएनडीटी चिकित्सक का पदस्थापन किया गया है। ऐसे में अब यहां दो सोनोलॉजिस्ट हो जाएंगे। एनएच 52 से जुड़ा इसलिए ट्रोमा सेंटर संचालित होगा झालरापाटन जिला अस्पताल नेशनल हाइवे-52 पर कोटा के बाद दूसरा सबसे बड़ा अस्पताल है। ऐसे में एक्सीडेंटल केस सबसे पहले इसी अस्पताल में आएंगे। ऐसे में यहां 24×7 दिन ट्रोमा सेंटर भी संचालित किया जाएगा। इसके बाद नेशनल हाइवे-52 पर ही तीसरा बड़ा अस्पताल 50 किमी दूर सैटेलाइट अस्पताल अकलेरा आता है। 5 विशेषज्ञ ने ज्वाइन किया, अब 16 डॉक्टर जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर लगाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे व सांसद दुष्यंतसिंह ने उच्चाधिकारियों से बात की। इसके बाद कलेक्टर ने डीइओ लेटर लिखा। इस पर यहां नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शरद दसारा, पीएसएम डॉ. सुधानंद, सोनोलॉजिस्ट डॉ. तेजराम मीणा, चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश कुमार व डॉ. सत्यजीत सिंह को लगाया है। उन्होंने कार्यभार ग्रहण भी कर लिया है। अब यहां 16 डॉक्टर हो गए हैं। पूर्व में यहां स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. माधुरी साहू, डा.. दीपिका जैन, अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश छीडकिया, नाक, कान व गला विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक व दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. पूजा मीणा सहित अन्य चिकित्सा अधिकारी कार्यरत हैं। ^झालरापाटन जिला अस्पताल का विस्तार होगा, इसके लिए 50 करोड़ रुपए की प्रशासनिक वित्तीय स्वीकृति मिली है। यह अब तीन मंजिला बनेगा। इसके अलावा यहां विशेषज्ञ डॉक्टर लगाए हैं, जिन्होंने ज्वाइन भी कर लिया है। – डॉ. साजिद खान, सीएमएचओ


