भास्कर न्यूज |लुधियाना बाइक की दो किश्ते समय पर जमा न होने पर एक युवक को घंटों बंधक बनाकर बेरहमी से पीटने, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकियां देने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर थाना डिवीजन नंबर-8 पुलिस ने तीन नामजद समेत अज्ञात लोगों पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वारदात 9 फरवरी की शाम को भाईवाला चौक स्थित सूर्या कॉम्प्लेक्स की दूसरी मंजिल पर हुई। शिकायतकर्ता हरीश कुमार निवासी न्यू स्टार कॉलोनी, जागीरपुर रोड ने पुलिस को बताया कि उसने आईडीएफसी बैंक से मोटरसाइकिल फाइनेंस करवाई थी। आर्थिक तंगी के चलते उसकी दो किस्तें समय पर जमा नहीं हो सकीं। हरीश ने बताया कि 9 फरवरी को फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों विपन कुमार, नवीन और साथियों ने उसे फोन कर भाईवाला चौक स्थित सूर्या कॉम्प्लेक्स में बुलाया। आरोपियों ने उसे मारपीट के बाद जबरन तीन घंटे तक अवैध रूप से बंधक बनाए रखा। आईओ राज कुमार ने बताया सूर्या कॉम्प्लेक्स में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। एक्सपर्ट कर्ज वसूली के लिए धमकी देना, अपमान करना या मारपीट करना अपराध है। {फाइनेंस कंपनियां आरबीआई -लीगल तय दायरे में ही रिकवरी कर सकती हैं। {किसी को बंधक बनाना या पीटना सीधा आपराधिक कृत्य है। रिकवरी एजेंट सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे तक ही संपर्क कर सकते हैं। {एजेंट को अपनी पहचान और कंपनी का अधिकृत पत्र दिखाना जरूरी है। {बिना नोटिस वाहन या संपत्ति जब्त करना गैरकानूनी है। ^कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ग्राहक के साथ मारपीट, अवैध हिरासत या अपमान हुआ है तो वह तीन स्तर पर कार्रवाई कर सकता है। पहला, आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज कराया जा सकता है। दूसरा, उपभोक्ता अदालत में सेवा में कमी और मानसिक प्रताड़ना के लिए मुआवजा मांगा जा सकता है। तीसरा, सिविल कोर्ट में मानहानि और नुकसान की भरपाई के लिए दावा दायर किया जा सकता है। – अमित टंडन, एडवोकेट


