अलवर| तेरस व चतुर्दशी एक ही तिथि पर आने से रविवार को महाशिवरात्रि मनेगी। करीब 300 साल बाद 6 शुभ योग बन रहे हैं। इस तिथि में बुध और शुक्र की युति से लक्ष्मीनारायण राजयोग कार्य सफलता, कुंभ और शुक्र युति से शुक्रादित्य योग कामयाबी, कुंभ राशि में शनि ग्रह होने से शश महापुरुष योग सम्मान, सूर्य बुध, शुक्र, शनि और राहु का पंचग्रही योग धन और सर्वार्थसिद्धि योग इच्छा पूरी करेगा। सुबह 9.54 से दोपहर 1 बजे तक लाभ व अमृत का चौघड़िया व अभिजित मुहूर्त होगा। चार प्रहरों में पहला शाम 6.14 से रात 9.27 बजे तक, दूसरा रात 9.28 से दोपहर 12.41 बजे, तीसरा रात 12.42 से 3.54 बजे तक, चतुर्थ प्रहर: रात 3.55 बजे से होगा। अट्टा मंदिर के सामने नागेश्वर महादेव।


