भास्कर न्यूज | अलवर नगर निगम की ओर से शहर से निकलने वाले कचरे को एकत्रित करने के लिए बनाए गए कचरा निस्तारण प्लांट और सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट में कचरा व धूल को उड़ने से रोकने के उद्देश्य से पौधे लगाए है। पौधे लगाने और उनकी देखभाल के लिए ठेका दिया गया है। दोनों प्लांटों के परिसर में कुल मिलाकर 3 हजार पौधे लगाए गए हैं। दोनों स्थानों का ठेका 50 लाख रुपए में दिया गया है। ठेकेदार पौधे लगाने के बाद तीन साल तक उनकी देखभाल करेगा। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनकैप) के तहत पौधरोपण कराया जा रहा है। नगर निगम की ओर से संचालित इस पहल का उद्देश्य प्रदूषण नियंत्रण, दुर्गंध में कमी और हरित वातावरण का निर्माण करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे स्थानों पर हरियाली विकसित करने से पर्यावरणीय दुष्प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। नगर निगम में एनकैप प्लानर योगेश पूनिया ने बताया कि दोनों स्थानों पर पौधरोपण कराया गया है। पौधे बड़े होकर पेड़ के रूप में विकसित होंगे और धूल को उड़ने से रोकेंगे। साथ ही हवा के साथ उड़ने वाला कचरा भी रोका जा सकेगा। हवा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा: कचरा प्लांट में रोजाना बड़ी मात्रा में कचरा आता है। इसके निस्तारण के दौरान धूल, दुर्गंध और गैसों का उत्सर्जन होता है। पेड़-पौधों से इन हानिकारक प्रभावों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। पेड़-पौधे कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर ऑक्सीजन का उत्सर्जन करते हैं। इससे वायु गुणवत्ता में सुधार होता है। इसके अलावा, हरियाली से आसपास के क्षेत्रों में तापमान संतुलित रहता है। इसके साथ ही सी एंड डी वेस्ट प्लांट में भी धूल प्रदूषण को रोका जा सकेगा। नगर निगम के एईएन हेमंत यादव ने बताया कि दोनों स्थानों पर पौधरोपण प्रदूषण की रोकथाम के लिए योजना बनाकर किया गया है। ^कचरा निस्तारण प्लांट और सी एंड डी प्लांट के कारण होने वाले धूल व अन्य प्रकार के प्रदूषण को रोकने के लिए पौधे लगाए गए हैं। इससे हवा को स्वच्छ रखा जा सकेगा। -सोहन सिंह नरूका, आयुक्त, नगर निगम।


