श्रीमाधोपुर में सामान्य वर्ग और समस्त सवर्ण समाज ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) के प्रस्तावित ‘प्रमोशन ऑफ इक्वालिटी रेगुलेशन–2026’ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। शनिवार शाम 6:30 बजे सीकर बाजार स्थित अग्रसेन भवन से एक मशाल जुलूस निकाला गया। यह मशाल जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए चौपड़ बाजार पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने ‘यूजीसी का काला कानून वापस लो’, ‘हमारे बच्चों का भविष्य सुरक्षित करो’ और ‘यूजीसी रोल बैक’ जैसे नारे लगाए। समाज के सदस्यों ने इन नियमों को सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ अन्यायपूर्ण बताया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यह प्रस्ताव भारतीय संविधान की धारा 14 (समानता का अधिकार) और धारा 21 (जीवन व स्वतंत्रता का अधिकार) का उल्लंघन करता है। उनका तर्क है कि शिक्षा में समानता सुनिश्चित करने के नाम पर कुछ वर्गों के हितों को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया जा रहा है। विरोध प्रदर्शन करने वालों ने आशंका व्यक्त की कि नए प्रावधानों से कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों तथा शिक्षकों के बीच जातीय आधार पर विभाजन बढ़ सकता है। इससे शैक्षणिक माहौल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है। उन्होंने समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए समावेशी नीतियों की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि ऐसी व्यवस्थाएं नहीं होनी चाहिए जो विभिन्न वर्गों के बीच खाई पैदा करें। जुलूस के समापन पर, सवर्ण समाज के सदस्यों ने पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की।


