शुक्रवार को सालासर आए कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने मंदिर के पास स्थित एसबीआई की शाखा में अचानक पहुंचकर फसल बीमा में करोड़ों रुपए के घपले का दावा किया था था। मामले को लेकर कृषि विभाग सुजानगढ़ के असिस्टेंट डायरेक्टर (एक्सटेंशन) गोविंद सिंह ने सालासर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। सिंह ने रिपोर्ट में बताया कि 19 जून 2025 को राज्य सरकार द्वारा फसलों के स्वैच्छिक बीमा को लेकर अधिसूचना जारी की थी। जिसमें रबी की फसल में 1.5 प्रतिशत प्रीमियम किसान के द्वारा वहन किया जाता है। वहीं बाकी प्रीमियम भारत सरकार और राज्य सरकार आधा-आधा भरती है। रिपोर्ट में बताया कि सालासर एसबीआई के ब्रांच मैनेजर उमेश कुमार सारस्वत और कर्मचारी भागीरथ नायक ने कुछ अधिकारियों, बीमा कंपनी एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया के प्रतिनिधियों, अधिकारियों के साथ मिलकर षड्यंत्र रचते हुए फर्जी बीमा किए और क्लेम उठाने की तैयारी कर ली। रिपोर्ट में बताया कि इन लोगों ने मिलकर ऐसी जमीनों के बीमे कर दिए। जो जमीनें उपलब्ध ही नहीं है। सिंह ने पुलिस को बताया कि 71 विभिन्न नामों से इन जमीनों के खसरा नंबरों का मिलान किया गया तो गजनेर तहसीलदार कार्यालय से जानकारी मिली कि बीमा में दर्शाए लोगों की जमीनें वहां नहीं है। इस तरह सालासर एसबीआई ब्रांच में केसीसी धारकों की फर्जी कृषि भूमि दिखाकर प्रीमियम जमा करवा दिया गया। जिसकी क्लेम राशि करीब 9 करोड़ रुपए बनती है। रिपोर्ट में ब्रांच मैनेजर, बैंक के कर्मचारियों अधिकारियों एवं बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों, अधिकारियों पर आपराधिक गठजोड़ कर षडयंत्र रचते हुए राजकोष को हानि पहुंचाने और किसानों को ठगने के आरोप लगाते हुए कार्रवाई करने की मांग रखी।


