गलत नंबर, अधूरे दस्तावेजों से आरटीए में बैकलॉग की 518 फाइलें अटकीं

भास्कर न्यूज |लुधियाना आरटीए विभाग में बैकलॉग की 518 फाइलें लंबे समय से लंबित पड़ी हैं। वजह दोहरी है कई फाइलों में आवेदकों के मोबाइल नंबर गलत दर्ज हैं, तो कई में जरूरी दस्तावेज पूरे नहीं लगाए गए। नतीजतन विभाग न तो आवेदकों से संपर्क कर पा रहा है और न ही प्रक्रिया आगे बढ़ पा रही है। उन्होंने बताया कि चार लोगों की टीम ने मिलकर हर एक उपभोक्ता को फ़ोन किया तब जाकर 2 हज़ार के करीब फाइल्स क्लियर हुई हैं। उन्होंने बताया कि एक रजिस्टर लगाया हुआ है जिसमें जिस फाइल में कोई कमी है उसका नाम नंबर लिख कर उनकी टीम संपर्क करती है और सही दस्तावेज करके अपडेट कर रही है। बैकलॉग प्रभारी अधिकारी नवदीप सिंह ने बताया कि अब तक करीब 2 हजार फाइलें अपडेट कर निपटाई जा चुकी हैं, लेकिन 518 फाइलें तकनीकी व दस्तावेजी कमियों के कारण अटकी हुई हैं। जब विभाग की ओर से फाइलों में दर्ज मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया जाता है तो अधिकांश नंबर गलत, बंद या किसी अन्य व्यक्ति के निकलते हैं। आरटीए दफ्तर में बैठी मंजीत कौर सराभा नगर निवासी ने बताया कि वो अपनी गाड़ी को ऑनलाइन एंट्री के लिए पहले चार महीने धक्के खाती रही मगर पिछले कर्मचारी ने कोई मदद नहीं की और ना ही ऑनलाइन एंट्री की मगर 2 फरवरी को उनको आर टी ए विभाग से फोन आया कि आप के दस्तावेज पूरे नहीं उसमें कमी है तब वो आकर मिली और दो दिन में उनकी आरसी ऑनलाइन चढ़ गई उन्होंने बताया कि पिछले अधिकारी की वजह से उनको 5 हज़ार रुपये जुर्माना भरना पड़ा है। नवदीप सिंह ने स्पष्ट किया कि कई मामलों में मजिस्ट्रेट स्टांप, मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर की निरीक्षण रिपोर्ट, मूल आरसी, वैध बीमा और प्रदूषण प्रमाणपत्र जैसे जरूरी दस्तावेज अधूरे हैं। बिना इन दस्तावेजों के बैकलॉग एंट्री संभव नहीं है। उन्होंने संबंधित उपभोक्ताओं से अपील की है कि जिनकी फाइलें लंबित हैं, वे आरटीए कार्यालय के कमरा नंबर 5 में व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर दस्तावेज पूरे कराएं, ताकि उनकी गाड़ी की एंट्री ऑनलाइन की जा सके। अधिकारी ने बताया कि अब तक बैकलॉग एंट्री से 1.5 करोड़ रुपए सरकारी खजाने में जमा हो चुके हैं। वर्तमान में यह सुविधा पूरी तरह निशुल्क है, जबकि पूर्व सरकार 200 रुपये शुल्क लेती थी। उन्होंने कहा कि शेष फाइलें पूरी होते ही सरकारी राजस्व में लाखो रुपए और जुड़ सकते हैं। ये दस्तावेज जरूरी: {यदि किसी व्यक्ति की पुरानी गाड़ी अभी तक ऑनलाइन दर्ज नहीं हुई है, तो वे निम्न दस्तावेज लेकर आरटीए कार्यालय (कमरा नंबर 5) में संपर्क करें: {मजिस्ट्रेट स्टांप -मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर की निरीक्षण रिपोर्ट -मूल आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) {वैध बीमा प्रमाणपत्र -प्रदूषण (PUC) सर्टिफिकेट, दस्तावेज पूरे होने पर गाड़ी की ऑनलाइन एंट्री की जाएगी।

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