8 लोगों को मिला ओरण प्रहरी पुरस्कार 2026, ओरण संरक्षण पर संवाद हुआ

भास्कर न्यूज | अलवर कृषि एवं पारिस्थितिकी विकास संस्थान की ओर से ओरण संरक्षण को लेकर राष्ट्रीय कार्यशाला हुई। इसमें राजस्थान के 8 लोगों को ओरण संरक्षण के अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यों के लिए ओरण प्रहरी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इनमें दैनिक भास्कर के रिपोर्टर नरेन्द्र कुमार चोटिया को ओरण-देवबणियों के संरक्षण के लिए उच्चतम न्यायालय के वर्ष 2024 में दिए गए ऐतिहासिक फैसले को पत्रकारिता के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने के लिए दिया गया। इसके अलावा जैसलमेर जिले से चनणाराम, विक्रम दर्जी, फलोदी जिले से नारायण भारथी व हरिप्रकाश और अलवर जिले से नारायणी, भवानी शंकर व गंगाविशन जाटव को भी ओरण प्रहरी पुरस्कार दिया गया। संस्थान के संस्थापक अमन सिंह, निदेशक प्रतिभा सिसोदिया और डॉ. सीताराम वर्मा ने पुरस्कार प्रदान किए। कार्यशाला के दूसरे दिन विशेषज्ञों ने रखी अपनी बात: शनिवार को ओरणों के संसाधन प्रबंधन और स्वदेशी पारंपरिक ज्ञान पर तीसरा तकनीकी सत्र आयोजित हुआ, जिसकी अध्यक्षता डॉ. नीमा पाठक व पी. विवेकानन्दन (निदेशक, सेवा, मदुरै) ने की। इस सत्र में प्रदन्या माथुर, डॉ. अर्चना गोडबोले, राहुल यादव और दिव्या जैन (कृपाविस) ने भी अपने विचार रखे। चौथे सत्र में ओरण व शामलात में सांस्कृतिक विरासत तथा सामुदायिक प्रथाओं पर केंद्रित था, उसकी अध्यक्षता मनु भटनागर (निदेशक, इनटेक) और डॉ. प्रभाकर राजगोपाल ने की। इसमें प्रो. पूर्नेन्दु कावूरी (सेंस) ने सामुदायिक भूमि पर पशुपालक प्रथाएं और सतत आजीविका प्रथाओं के महत्व एवं उनकी आवश्यकता पर अपनी बात रखी। इसके अलावा हर्षित मिश्रा, अल्का तिर्फे, डॉ. संजना नायर, यशोवर्धन शांडिल्य ने अपनी जानकारी साझा की। कृपाविस से डॉ. सीताराम वर्मा ने अरावली क्षेत्र में पशु प्रबंधन एवं उत्पादकता के बारे में बताया।

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