खनन उत्पादन में राजस्थान सबसे आगे:12 खनिजों का देश में 50 प्रतिशत से ज्यादा योगदान, खनिज उत्पादन मूल्य में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी स्थान

राज्य के बजट के साथ आई प्रदेश की आर्थिक समीक्षा 2024-25 के अनुसार राजस्थान देश के खनिज संसाधनों में काफी आगे निकल गया है। समीक्षा के अनुसार देश में उपलब्ध कुल प्रमुख एवं गौण खनिजों में से बड़ी संख्या राजस्थान में पाई जाती है। कई खनिजों के उत्पादन में राज्य का राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान हैं। प्राकृतिक संसाधनों की दृष्टि से राजस्थान देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है। आर्थिक समीक्षा के मुताबिक जिप्सम, सीसा-जस्ता, वोलास्टोनाइट, सिलिका सैंड, रॉक फॉस्फेट, संगमरमर और चूना पत्थर जैसे खनिजों के उत्पादन में राजस्थान अग्रणी है। आर्थिक समीक्षा के अनुसार देश के कुल जिप्सम उत्पादन का लगभग 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा राजस्थान से आता है। इसी प्रकार सीसा-जस्ता उत्पादन में भी राज्य का राष्ट्रीय योगदान अत्यधिक है। संगमरमर और ग्रेनाइट जैसे आयामी पत्थरों (Dimensional Stones) के क्षेत्र में भी राजस्थान देश का प्रमुख उत्पादक राज्य है। GSDP में बड़ी भूमिका खनन क्षेत्र राज्य की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इससे न केवल राजस्व प्राप्ति हो रही है, बल्कि प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोगों को रोजगार भी मिल रहा है। खनिज आधारित उद्योगों- सीमेंट, सिरेमिक, उर्वरक, धातु उद्योग को भी इससे मजबूती मिली है।
विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य की भौगोलिक संरचना और खनिज विविधता इसे ‘मिनरल हब’ के रूप में स्थापित करती है। यदि मूल्य संवर्धन (Value Addition) और डाउनस्ट्रीम इंडस्ट्री को और प्रोत्साहन दिया जाए तो राज्य की हिस्सेदारी राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में और अधिक बढ़ सकती है।

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