अरावली पर्वतमाला की पहाड़ियों के बीच स्थित सिद्ध बाबा आश्रम में एकलिंग अलंकारेश्वर महादेव मंदिर की अपनी अलग पहचान है। यहां पाषाण की 6 टन वजनी शिला से निर्मित 5.6 फीट ऊंचा शिवलिंग स्थापित है। इसकी गोलाई 9.8 फीट है। शिवलिंग निर्माण के लिए पाषाण अलवर जिले के झिरी गांव की खान से लाए थे। 2000 में स्थापना वर्ष की गई थी। शिवलिंग पर सर्प की आकृति भी है। मंदिर परिसर में चैत्र और शारदीय नवरात्र में नौ दिनों तक अखंड रामायण पाठ होते है। प्रत्येक रविवार को भंडारे का आयोजन होता, जिसमें श्रद्धालुओं को निशुल्क भोजन प्रसादी वितरित की जाती है। मंदिर के ऊपर लगभग महाभारत काल की गुफा स्थित है, जहां सिद्ध बाबा ने तपस्या की थी। यह गुफा श्रद्धालुओं के लिए दर्शनीय स्थल है। ऐसे पहुंचे मंदिर
35 किमी शहर से दूर। दिल्ली हाईवे से 8 किमी अंदर भानपुर कलां गांव में है मंदिर। यहां से 1 किमी तक कार से जा सकते हैं, इसके बाद 1 किमी पैदल या बाइक से पहाड़ियों के ऊपर स्थित सिद्ध बाबा आश्रम तक पहुंच सकते हैं। “जयपुर में इस प्रकार की 6 टन शिला से निर्मित शिवलिंग वाला यह एकमात्र मंदिर है।”
-भगवान गुर्जर, साधक सिद्ध बाबा प्राणी ट्रस्ट


