छत्तीसगढ़ में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत बनाने के लिए पार्टी ने नई रणनीति तैयार की है। पहली बार ग्राम पंचायतों में कांग्रेस पंचायत अध्यक्ष बनाने जा रही है। ये ग्राम पंचायत के सभी पदाधिकारियों को एक जुट रखने के साथ पार्टी की विचारधारा को निचले स्तर पर पहुंचाने का काम करेंगे। नई दिल्ली में मंगलवार को हुई देशभर के कांग्रेस जिलाध्यक्षों की बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सांसद राहुल गांधी ने जल्द से जल्द पंचायत अध्यक्षों की नियुक्ति के निर्देश दिए। इस प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाने के लिए जिलाध्यक्षों को सीधे नियुक्ति का अधिकार दे दिया गया है। रेड, यलो और ग्रीन जोन के आधार पर तय होगा जिलाध्यक्षों का परफार्मेंस अंतिम व्यक्ति तक पार्टी की विचारधारा पहुंचाने का प्लान
यह कदम संगठन को बूथ और पंचायत स्तर तक सक्रिय करने के मकसद से उठाया गया है। माना जा रहा है कि इससे गांवों में पार्टी की पकड़ मजबूत होगी और स्थानीय मुद्दों पर तत्काल राजनीतिक सक्रियता बढ़ेगी। कई जगहों पर संगठनात्मक ढांचा कागजों तक सीमित रह गया था। नई व्यवस्था के बाद जिलाध्यक्ष अपने-अपने जिलों की हर ग्राम पंचायत में सक्रिय कार्यकर्ताओं की पहचान कर उन्हें जिम्मेदारी सौंप सकेंगे। इससे निर्णय प्रक्रिया तेज होगी और ऊपर से नाम तय होने में लगने वाला समय बचेगा। पंचायत से ब्लॉक तक की जिम्मेदारी अब जिलाध्यक्षों की
नए निर्णय के बाद जिलाध्यक्षों की राजनीतिक हैसियत भी बढ़ गई है। संगठनात्मक दृष्टि से अब वे अपने जिले में पार्टी के सबसे प्रमुख फैसले लेने वाले नेता माने जाएंगे। पंचायत स्तर से लेकर ब्लॉक संरचना तक विस्तार की जिम्मेदारी सीधे उन्हीं पर होगी। इससे जिला इकाई में नेतृत्व की स्पष्टता आएगी और समानांतर गुटबाजी पर भी अंकुश लगाने की कोशिश मानी जा रही है।
परफॉर्मेंस आंकलन के बाद तय होगा भविष्य
पार्टी अब संगठनात्मक कामकाज की निगरानी के लिए “कलर कोड सिस्टम” भी लागू करने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक जिलाध्यक्षों के काम का मूल्यांकन तीन श्रेणियों में किया जाएगा। इसके तहत जिलाध्यक्षों के परफार्मेंस का आंकलन ग्रीन, येलो और रेड जोन के आधार पर किया जाएगा। इसके तहत ग्रीन ज़ोन जहां संगठन सक्रिय, कार्यक्रम नियमित, सदस्यता और जनसंपर्क मजबूत होगा। येलो ज़ोन यानी कि औसत प्रदर्शन, सुधार की जरूरत और रेड ज़ोन का मतलब संगठनात्मक सुस्ती, कम गतिविधि, नेतृत्व में ढिलाई है। जमीनी फीडबैक पर फोकस रहेगा
पार्टी का लक्ष्य पंचायत स्तर से ही राजनीतिक माहौल, स्थानीय समस्याएं, जनभावना और सरकार की योजनाओं की जमीनी स्थिति की सीधी रिपोर्ट जुटाना है। पंचायत अध्यक्षों के माध्यम से यह नेटवर्क गांव-गांव तक सक्रिय रहेगा।
इस तरह मजबूत होगी कांग्रेस: डीसीसी : 41 जिलाध्यक्ष, ब्लाक अध्यक्ष – 307, मंडल अध्यक्ष -1370, पंचायत अध्यक्ष- 20363.


