नोहर क्षेत्र के बिरकाली गांव में पिछले छह दिनों से एक अज्ञात जंगली जानवर का आतंक जारी है। इस जानवर ने दो ग्रामीणों पर हमला किया है, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। जिला प्रशासन, वन विभाग और स्थानीय ग्रामीण लगातार सघन तलाशी अभियान चला रहे हैं, लेकिन अभी तक जानवर का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इस हिंसक जानवर का खौफ 9 फरवरी को तब शुरू हुआ, जब इसने अपने खेत में काम कर रहे मांगीलाल रणवा पर हमला कर दिया था। इसके बाद शुक्रवार शाम को बालाजी ईंट भट्ठे पर कार्यरत उत्तर प्रदेश के एक श्रमिक की बेटी को भी जानवर ने अपना शिकार बनाया और उसे काट लिया। इन घटनाओं के बाद से ही ग्रामीणों में भय व्याप्त है। शनिवार को छठे दिन तलाशी अभियान में तेजी लाई गई। वन विभाग ने आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए ड्रोन कैमरों से पूरे इलाके की निगरानी की। हालांकि, घंटों की मशक्कत के बाद भी रेस्क्यू टीम को निराशा ही हाथ लगी। इस अभियान में हनुमानगढ़, नोहर, भादरा और बीकानेर सहित कई केंद्रों की टीमें जुटी हुई हैं। उपवन संरक्षक (हनुमानगढ़) सुरेश आबुसरिया ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और सतर्क रहें। उन्होंने सोशल मीडिया पर झूठी अफवाहें न फैलाने की हिदायत दी है और कहा है कि यदि कहीं भी कोई संदिग्ध जानवर दिखे तो तुरंत विभाग को सूचित करें। इस ऑपरेशन में सहायक वन संरक्षक सुनील कुमार खिचड़ और क्षेत्रीय वन अधिकारी नरेंद्र सिंह भाटी के नेतृत्व में भारी अमला तैनात है। प्रशासन के साथ-साथ बिरकाली के प्रशासक भंवरलाल मेघवाल, पूर्व सरपंच बृजलाल शर्मा और राजू सिहाग सहित सैकड़ों ग्रामीण भी पिछले छह दिनों से अपनी जान जोखिम में डालकर जानवर की तलाश में मदद कर रहे हैं।


