अफीम खाते-खाते मजदूर बना ड्रग्स तस्कर, गड्‌डे में छुपाए मादक-पदार्थ:रिश्तेदार से माल खरीदकर छोटी-छोटी पूड़िया बनाकर करता सप्लाई, अन्य आरोपी की तलाश जारी

एएनटीएफ टीम ने अफीम के साथ पकड़े गए ड्रग्स तस्कर ने पूछताछ में चौकाने वाले खुलासे किए है। ड्रग्स तस्कर गांव से मजदूरी के लिए शहर में आया। मजदूरी थकान को दूर करने के लिए अफीम का सेवन करता था। फिर खुद ने अवैध ड्रग्स कारोबार शुरू कर दिया। दरअसल, एएनटीएफ और रीको थाना पुलिस बाड़मेर ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तस्कर बाबूलाल को 13 फरवरी को उसके घर पर दबिश देकर गिरफ्तार किया था। फिलहाल टीम ड्रग्स के पूरे नेटवर्क को पकड़ने का प्रयास कर रही है। बोगस कस्टमर भेजकर पकड़ा एएनटीएफ टीम को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि रीको एरिया बाड़मेर अवैध मादक पदार्थ अफीम की छोटी-छोटी पूडि़या बनाकर मजदूर वर्ग समेत अन्य लोगों को सप्लाई करता है। इस पर टीम ने एक सदस्य को बोगस ग्राहक बनाकर आरोपी के घर भेजा व रैकी करवाई। टीम ने बोगस ग्राहक सदस्य ने आरोपी से पूड़िया देने को कहा तो आरोपी अपने मकान के पास खाली प्लाट में गया। अवैध मादक पदार्थ को मिट्टी खोदकर छुपा रखा था। इस पर टीम ने बाबूलाल को पकड़ लिया। वहां से 1 किलो 286 ग्राम अफीम का दूध बरामद किया। 2008 में आया था गांव से शहर में आरोपी बाबूलाल बाड़मेर जिले के सेड़वा सोमारडी गांव में कक्षा 7वीं तक पढ़ा है। उसके बाद गांव में मजदूरी करता रहा। साल 2008 में बाड़मेर में आकर मजदूरी करने लग गया। मजदूरी करने के बाद अपनी थकान मिटाने के लिए अफीम का सेवन करन लग गया। मजदूरी से बना ड्रग्स सप्लायर आरोपी बाबूलाल (45) पुत्र ठाकराराम निवासी सेड़वा हाल बिदासर रोड बाड़मेर अफीम के सेवन की लत लग जाने के कारण शरीर कमजोर हो गया। फिर घर का खर्चा चलाने के लिए अफीम का काला धंधा शुरू कर दिया। अपने रिश्तेदार दिनेश कुमार निवासी कोजा से मादक-पदार्थ खरीदता और छोटी-छोटी पूड़िया बनाकर मजदूरों और लोगों को सप्लाई करता था। टीम ने दबिश देकर 1 किलो 286 ग्राम अफीम का दूध और 334 ग्राम विनिर्मित अफीम बराद किया। इससे जुड़ी खबर भी पढ़े… बाड़मेर में घर में दबिश देकर अफीम बरामद, 1 गिरफ्तार:तलाशी के दौरान खाली प्लाट में मिला मादक-पदार्थ, नेटवर्क की जांच जारी

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