श्रीगंगानगर जिले के गांव 14FF में शुक्रवार को शहीद सूबेदार प्रताप सिंह की याद में उनकी प्रतिमा का अनावरण किया गया। सरकारी स्कूल परिसर में हुए कार्यक्रम में सैनिकों, परिजनों और ग्रामीणों ने शहीद को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके बलिदान को याद किया। 18 साल की उम्र में चुना सेना का रास्ता
सूबेदार प्रताप सिंह ने 18 साल की उम्र में देश सेवा का संकल्प लिया था। 25 जुलाई 1968 को वे 1st सिख लाइट इन्फैंट्री में भर्ती हुए। उन्होंने 27 साल तक भारतीय सेना में सेवा दी और देश के अलग अलग हिस्सों में तैनात रहकर अपने कर्तव्य निभाए। ऑपरेशन पवन में निभाई अहम भूमिका
साल 1988-89 के दौरान सूबेदार प्रताप सिंह ने ऑपरेशन पवन में भाग लिया। यह अभियान भारतीय सेना द्वारा श्रीलंका में एलटीटीई आतंकवादियों के खिलाफ चलाया गया था। इस दौरान भी उन्होंने बहादुरी से अपनी जिम्मेदारी निभाई। सियाचिन में देते हुए बलिदान
7 दिसंबर 1994 को जब उनकी बटालियन सियाचिन ग्लेशियर में तैनात थी, तब उन्हें पेट्रोलिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई। पेट्रोलिंग के दौरान टोली का नेतृत्व करते हुए दुश्मन से मुकाबले में उन्होंने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। NCC कैडेट्स ने दी सलामी
कार्यक्रम के दौरान NCC कैडेट्स ने शहीद को सलामी देकर श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने कहा कि शहीद प्रताप सिंह का बलिदान आज भी देश की सीमाओं पर तैनात जवानों के लिए प्रेरणा है। ये लोग रहे मौजूद
प्रतिमा अनावरण समारोह में शहीद की धर्मपत्नी ज्ञान कौर, मेजर निखिल जम्वात, लेफ्टिनेंट अजय सिंह नेगी, सूबेदार सुरेंद्र सिंह, सूबेदार हरजिंद्र सिंह, सूबेदार जितेंद्र पाल सिंह, नायब सूबेदार प्रदीप सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।


