भक्ति और अध्यात्म के संगम महाशिवरात्रि पर्व पर रविवार को शहर शिवमय हो गया है। शहर में शिवालयों में सुबह से भक्त बाबा भोलेनाथ के दर्शन, पूजा के लिए पहुंच रहे है। कोटा में हर शिवालय की अपनी प्राचीन कथा है। वहीं विज्ञाननगर स्थित अमलेश्वर महादेव मंदिर ऐसा शिवालय है जहां साल में सिर्फ एक दिन महाशिवरात्री पर ही पूजा होती है। कोटा के विज्ञान नगर में स्थित इस मंदिर की कहानी बहुत अलग है। अमलेश्वर महादेव के नाम से पहचान बनाने वाला ये मंदिर दो दशक तक बंद रहा था, बाद में काफी कोशिश के बाद इस मंदिर में पूजा शुरू हो सकी। विज्ञान नगर थाने के पुलिसकर्मी ही इसकी साफ सफाई करवाते हैं और एक दिन मंदिर खोलने के बाद दूसरे दिन वापस ताला लगा देते हैं। बजरंगदल के योगेश रेनवाल ने बताया कि विज्ञान नगर थाना इलाके की अमन कॉलोनी में स्थित अमलेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि पर ही पूजा की जाती है। पुलिसकर्मियों की निगरानी में यहां पर भक्त पूजा करते हैं। अमलेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण यहां रहने वाले चूने की भट्टियों पर काम करने वालों ने करीब 100 साल पहले करवाया था। धीरे-धीरे यहां भट्टियां खत्म होती चली गई और यहां रहने वाले भी चले गए और धीरे धीरे अन्य समाज के लोग यहां बस गए। जिसके बाद से मंदिर में पूजा बंद हो गई थी। करीब आठ साल पहले हिंदू संगठनों ने इसे खुलवा दिया, लेकिन भारी पुलिस लवाजमा यहां लगाना पडता है। पुलिस पहरे में पूजा अर्चना होती है। रविवार को भी सुबह 11 बजे शोभायात्रा निकाली गई। मंदिर में भक्त पूजा के लिए पहुंचे और भोले बाबा का जलाभिषेक किया गया। मंदिरों में सुबह से भक्तों का पहुंचना शुरू महाशिवरात्रि पर मंदिरों में सुबह से भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया। सुबह पांच बजे से मंदिरों में भक्त पहुंचे और शिव की अराधना की। कोटा के नीलकंठ, कंसुआ धाम, तलवंडी सेक्टर एक शिवमंदिर,भीतरिया कुंड समेत शिवालयों में भक्त अपने अराध्य की सेवा पूजा करने पहुंचे। भीतरिया कुंड में बीस हजार लोगों की प्रसादी
इधर, शिवपुरा स्थित भीतरिया कुंड में पंचमुखी सोमेश्वर सेवा समिति की तरफ से सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन महाशिवरात्री पर हो रहा है। जिसमें भक्तों के लिए बीस हजार लोगो से ज्यादा की प्रसादी बनाई जा रही है। भक्तों के लिए चालीस क्विंटल आटे से पूडियां तैयार की जा रही है। वहीं 110 पीपे तेल का उपयोग इस भंडारे के लिए किया जा रहा है। दो ट्रोलियों में पूडियां- नमकीन भरकर भक्तों को प्रसाद वितरित किया जाएगा। सौ से ज्यादा कारीगर प्रसाद बनाने में जुटते हैं। भक्तों को दिए पीले चावल
गीता भवर में हल्दी, मेहंदी के कार्यक्रम होंगे। बाबा महाकाल का भव्य श्रृंगार और चार प्रहर के रुद्राभिषेक होंगे। बारात में शामिल होने के लिए शिव भक्तों को पीले चावल और सुपारी बांटी गई है। गीता भवन परिसर को आकर्षक रंगोली से सजाया गया है। शिव भक्त परिवार एवं गीता सत्संग आश्रम समिति की ओर से महाशिवरात्रि पर गीता भवन में भगवान शिव की बारात निकाली जाएगी।


