कोटपूतली के मोहनपुरा स्थित एक सीमेंट प्लांट के खिलाफ जोधपुरा संघर्ष समिति का अनिश्चितकालीन धरना लगातार 1164वें दिन भी जारी रहा। धरना दे रहे ग्रामीणों ने राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के फैसले की तीन महीने बाद भी पालना न होने पर प्रशासन के प्रति नाराजगी व्यक्त की। संघर्ष समिति के सचिव कैलाश यादव ने बताया- सीमेंट कंपनी और प्रशासन द्वारा मांगों को अनसुना किए जाने के बाद एनजीटी में याचिका दायर की गई थी। प्राधिकरण ने 3 नवंबर 2025 को सीमेंट कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाया था। हालांकि, तीन महीने बीत जाने के बाद भी प्रशासन द्वारा इस फैसले को लागू नहीं किया गया है, जिसे प्रशासन की लापरवाही और अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट के दबाव में होने का संकेत माना जा रहा है। इस दौरान धरना दे रहे ग्रामीणों ने सीमेंट कंपनी और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने अपनी मांगों को दोहराते हुए संकल्प लिया कि गांव के नजदीक सीमेंट कंपनी का क्रेशर हटाया जाए और गांव का पुनर्वास किया जाए। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक प्रशासन द्वारा एनजीटी के आदेशों की पालना नहीं की जाती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। धरने में सचिव कैलाश यादव, ओमप्रकाश यादव, हरभगत बाबूजी, लीलाराम यादव, विजय यादव, राजपाल यादव, विजय यादव, विक्रम यादव, रामनिवास योगी, अजय योगी, सुरेश यादव, रोहिताश योगी, कानाराम यादव, भूपसिंह धानका, अमरसिंह मीणा, सुबेसिंह मीणा, मूलचंद योगी, रामनिवास अध्यापक सहित कई ग्रामीण महिलाएं मौजूद रहीं।


