डीग जिले में रविवार को महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। मुख्य बाजार स्थित नीलकंठ महादेव, चौमेदा महादेव और किला स्थित रूपेश्वर महादेव मंदिर सहित विभिन्न शिवालयों में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। महिला, पुरुष और बच्चों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। भक्तों ने कावड़ लाकर भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक किया। इसके अतिरिक्त, श्रद्धालुओं ने जल और पंचामृत से भोलेनाथ का अभिषेक कर बेलपत्र, आक, धतूरा, पुष्प, चंदन और फल आदि अर्पित किए। पंडित सूर्यभान शास्त्री ने डीग में इस पर्व के धार्मिक महत्व पर जानकारी दी। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इसी उपलक्ष्य में यह पर्व मनाया जाता है। भक्तों ने अपने घरों में सुख-समृद्धि की कामना करते हुए भगवान शिव से प्रार्थना की। कुंवारी कन्याओं ने भी सुयोग्य वर की प्राप्ति के लिए विशेष पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर कई भक्तों और श्रद्धालुओं ने उपवास भी रखा।


